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सम्पर्क नम्बर :

  • फ़ोन :+91-98141-26488

उपलब्ध सेवाएं

  • बांझ दम्पत्ति की बुनियादी जांच
  • प्रजनन क्षमता की पूरी जांच एक ही स्थान पर
  • अलट्रासाउंड निदेशित प्रक्रियांए जो यथासंभव कम हानिकारक हों
  • रोग पहचान तथा प्रभावी उदर जांच तथा गर्भाशयदर्शन, गर्भाशयदर्शी डिम्बवाहिनी प्रवेशन
  • बार बार गर्भपात क्लीनिक
  • फेलोपियन नली पुनरनलिकाकरण

बंध्यता प्रभाग

विश्व स्तरीय आईवीएफ तथा आईसीएसआई और आईएमएसआई लैब -
पूर्णकालिक प्रशिक्षित भ्रूण विज्ञानी द्वारा प्रबंधित। यही वजह है कि हम आईवीएफ तथा आईसीएसआई समूहों में नहीं करते हैं।

आईयूआईलैब -
हमारे पास एक अलग नर विज्ञान लैब है जहां वीर्य हस्तोपचार प्रक्रिया की जाती हैं। सभी वीर्य नमूने प्रशिक्षित भ्रूण विज्ञानी द्वारा आईयूआई के लिए तैयार किए जाते हैं।

अण्डाणु / भ्रूण बैंक -
उन मरीजों के लिए जिन्हें समय पूर्व डिम्बपात होता है तथा जो अपना डिम्ब पैदा करने में असमर्थ हैं।

वीर्य बैंक –
उन मरीजों के लिए जो अपने वीर्य नमूने बहुधा नहीं दे सकते तथा जब पुरूष केवल एक बार आ सकते हैं (एनआरआई मरीजों के लिए विशेष उपयोगी) वीर्य बैंक शुक्राणुहीन पुरुषों के लिए भी उपयोगी है।

हिमसंरक्षण -
फालतू भ्रूण /डिम्ब फ्रीज किए जाते हैं तथा भविष्य में उपचार हेतु उपयोग में लाए जाते हैं।

शल्य शुक्राणु सुधार -
(
(एमईएसए / टीईएसए / टीईएसई) शुक्राणुहीन पुरुषों हेतु आईसीएसआई में उपयोगी।

आईवीएफ क्या है? (पात्रे निषेचन तथा भ्रूण अंतरण)

आईवीएफ एक सहायित प्रजनन विधि है जिसमें पुरुष के शुक्राणु और महिला के डिम्ब प्रयोगशाला में एक ट्यूब में संयोजित किए जाते हैं तथा निषेचन होने पर भ्रूण को महिला के गर्भाशय में स्थानांतरित किया जाता है।

आईवीएफ में कदम हैं -

  • अंडाणु प्राप्त करना
  • शुक्राणु प्राप्त करना
  • अंडाणु तथा शुक्राणु को साथ – साथ रखना
  • भ्रूण को गर्भाशय में स्थानांतरित करना

हमारी क्लीनिक में पूरी आईवीएफ सुविधा मौजूद है जिसमें जांच करना, स्कैन करना, अंडाणु लेना तथा भ्रूण स्थानांतरण शामिल हैं।

आईसीएसआई क्या होता है

शुक्राणुहीन पुरूषों के लिए एक वरदान
लक्षण -

  • शुक्राणु बिल्कुल न होना (एजोस्पर्मिया)
  • बहुत घटिया शुक्राणु आकारिकी
  • पिछले आईवीएफ में कोई सफलता न होना
  • शुक्राणुहीनता या एजोस्पर्मिया – हम जांच द्वारा शुक्राणुओं का पता लगा सकते हैं (टीईएसए अर्थात् अंड शुक्राणु चूषण) अथवा (पीईएसए अर्थात् त्वचा अधिवृषण) शुक्राणु चूषण)। हमने अपना आईसीएसआई कार्यक्रम 2000 में प्रारंभ किया था और हमारी सफलता की दर की तुलना विश्व में सर्वश्रेष्ठ यूनिटों से की जा सकती है। आईसीएसआई के सभी कदम आईवीएफ जैसे होते हैं सिवाय प्रत्येक अंडाणु में एक एकल शुक्राणु इंजेक्ट करने के जो एक विशेष मशीन माइक्रोमैनीपुलेटर द्वारा किया जाता है।

Why Us?


डा. सुमीता सोफत अस्पताल अपनी नई खोजों, ईमानदारी, मेडिकल और तकनीकी उत्कृष्टता तथा हर व्यक्ति को उसकी जरुरत के मुताबिक सेवाएं प्रदान करने और बिगड़े केस को भी एक चुनौती के रूप में स्वीकार करने की दिली इच्छा के लिए जाने जाते हैं।

हम सर्वोच्च संभव सफलता दर पाने की कोशिश करते हैं, इसलिए हमारे अधिकतर मरीज गर्भधारण करते हैं।

arrowसख्त गुणवत्ता नियंत्रण हमारी ऊंची आईवीएफ सफलता दर में वृद्वि करता है
arrowहम प्रत्येक मरीज पर अलग से तथा विशेष ध्यान देते हैं। 
 
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