मर्दो में इनफर्टिलिटी और नपुंसकता के कारणों के खुलासे से जानें इसके सहायक उपचार ? मर्दो में इनफर्टिलिटी और नपुंसकता की समस्या क्या हैं ? नपुंसकता काफी गंभी...
मर्दो में इनफर्टिलिटी और नपुंसकता के कारणों के खुलासे से जानें इसके सहायक उपचार ?
मर्दो में इनफर्टिलिटी और नपुंसकता की समस्या क्या हैं ?
नपुंसकता काफी गंभीर समस्या हैं जिसका वर्णन हम इस पूर्ण लेख में करेंगे-- मर्दो में इनफर्टिलिटी और नपुंसकता आज के समय में काफी गंभीर समस्या बनी हुई हैं, जिसका खामियाजा दम्पतिय जोड़े को संतान न मिलने के रूप में झेलना पड़ता हैं।
- नपुंसकता एक ऐसी बीमारी हैं जिसमे पुरुषों के लिंग में उत्थान नहीं होता है, जिसके कारण पुरुषों में पुंसत्व हीनता आ जाती है। फलस्वरूप वे सेक्स के दौरान स्त्री को संतुष्ट करने में और संतानोत्पत्ति में अक्षम हो जाते हैं।
- तो वहीं इनफर्टिलिटी यानी नपुंसकता के बढ़ते मामलों में पुरुषों के शरीर में शुक्राणु का कम काउंट होना आम बात है। जिसके फलस्वरूप 30 फीसदी इनफर्टिलिटी (नपुंसकता) के मामलों में इसी वजह को मुख्य माना जाता है।
क्या पुरुषों में नपुसंकता की कोई उम्र हैं ?
पुरुषों में नपुसंकता की कोई एक उम्र नहीं हैं, लेकिन हां निम्न कुछ बातों से आप अंदाज़ा लगा सकते हैं नपुसंकता की उम्र का जैसे-- एक अध्ययन में प्रदर्शित किया हैं कि ईडी (इरेक्टाइल डिसफंक्शन) उम्र के साथ तेजी से प्रचलित होता है। बता दे की लगभग 40% पुरुष 40 वर्ष की आयु में नपुसंकता से प्रभावित होते हैं और लगभग 70% पुरुष 70 वर्ष की आयु में प्रभावित होते हैं।
नपुंसकता के क्या कारण हैं ?
नपुंसकता के बहुत से कारण हैं जिनका वर्णन हम निम्न में प्रस्तुत कर रहें ; जैसे- अत्यधिक दवाइयों का प्रयोग करना।
- नशीले पदार्थ का सेवन।
- डायबिटीज का बढ़ना।
- ब्लैडर का कैंसर होना।
- तंत्रिका तंत्र के रोग का होना।
- मानसिक तनाव का बढ़ना।
- केमिकल फैक्ट्री में काम करना भी नपुंसकता की बीमारी को बढ़ावा देता हैं।
- टीबी इंफेक्शन का होना।
नपुंसकता का क्या हैं ?
नपुंसकता के इलाज को अपनाकर आप संतान प्राप्ति का सुख आसानी से हासिल कर सकते हैं। बस इसके लिए आपको निम्न बातों को ध्यान में रखने की जरूरत हैं, जैसे-- इसका इलाज मुख्यतः आईसीएसआई, टीईएसए, पीआईसीएसआई और आईएमएसआई तकनीक से किया जा सकता है।
- बता दे कि गर्म पानी में नहाने से मर्दों के शरीर में एब्सेंट शुक्राणु और शरीर में शुक्राणु का कम होना मुख्य वजह है, नपुसंकता की।
- तो वहीं आईवीएफ का भी उपचार नपुसंकता को दूर करने में काफी सहायक माना जाता हैं। क्युकि आईवीएफ एक ऐसा तरीका है, जिसमें कि लेबोरेट्री डिश में शुक्राणू के साथ अंडे को जोड़कर रिप्रोडक्शन किया जाता हैं। जिसके फलस्वरूप अंडे के उपजाऊ होने के बाद दो से पांच दिनों के भीतर सेल डिवीजन शुरू होने के बाद उससे बनने वाले भ्रूण को महिला के गर्भाशय में डाला जाता है।
सुझाव :
यदि आप नपुसंकता की बीमारी का इलाज चाहते हैं तो सोफत हॉस्पिटल का चुनाव करें क्युकि इस हॉस्पिटल में आईसीएसआई से लेकर आईवीएफ का उपचार नवीनतम उपकरण और अनुभवी डॉक्टरों के द्वारा किया जाता हैं। जिससे कि इस बीमारी का इलाज करवाने मात्र से आप संतान प्राप्ति की ख़ुशी आसानी से पा सकते हैं।निष्कर्ष :
संतान की प्राप्ति यदि आप चाहते है, लेकिन नपुंसकता की बीमारी से परेशान हैं. तो बिना समय गवाए अपने डॉक्टर से सलाह लेकर किसी अच्छे नपुंसकता के इलाज वाले, हॉस्पिटल का चुनाव करें।
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Medically Reviewed & Authored By
Dr. Sumita Sofat
Gynecologist & Fertility Specialist
Dr. Sumita Sofat is a leading gynecologist and fertility specialist with over 28 years of experience in reproductive healthcare. She is the Managing Director of Dr. Sumita Sofat IVF Hospital, dedicated to providing advanced fertility treatments to couples.