क्या लैपटॉप को अपनी गोद में रखने से महिलाओं में हो सकती है फर्टिलिटी की समस्या? जाने क्या है कारण

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क्या इलेट्रॉनिक्स गैजेट्स बढ़ा रही है फर्टिलिटी की समस्या ? 

आज के दौर में इलेक्ट्रॉनिक्स गैजेट्स जैसे की लैपटॉप, मोबाइल, कंप्यूटर, टेबलेट आदि हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा बन चुके है | लैपटॉप एक ऐसा गैजेट्स है जिसका काम, संचार और मनोरंजन के लिए हर जगह ज़रूरत महसूस होती है | लेकिन क्या आपको इस बात का अंदाज़ा है की लैपटॉप को अपने गोद में रखने से महिलाओं में फर्टिलिटी की समस्या उत्पन्न हो सकती है | 

यह बात बिल्कुल सच है कि लैपटॉप को अपनी गोद में रखकर प्रयोग करने से भी फर्टिलिटी में नकारत्मक प्रभाव पड़ते है, क्योंकि लैपटॉप से निकलने वाली गर्मी महिलाओं के शरीर के तापमान को बढ़ा देती है, हलाकि महिलाओं के अंडाशय का तपमान अंडकोष की तरह संवेदनशील नहीं होता, लेकिन गर्मी की वजह से उनके शरीर पर कई तरह के बुरे प्रभाव डल सकते है जैसे की :-

1. हार्मोन्स का असंतुलन होना :- लैपटॉप की गर्मी की वजह से महिला के शरीर का तापमान बढ़ जाता है, जिससे हार्मोन्स का असंतुलन होना स्वाभाविक है | यह असंतुलन हार्मोन्स अंडाशय के कार्य पर विघ्न डालते है, जिससे अंडाणुओं की उत्पादना कम हो जाती है और इसके विकसित पर भी रस्ते का रोड़ा बन जाते है |   

2. रक्त की गति में बदलाव आना :- लैपटॉप के गर्मी से महिला के शरीर में रक्त की गति पर काफी बदलाव आ जाता है, जिससे अंडाशय को सही पोषक तत्व प्राप्त नहीं होते | 

3. ग्रीवा में कैंसर का खतरा:- लैपटॉप को गोद में रखकर प्रयोग करने से महिला के गर्भाशय में ग्रीवा के कैंसर होने खतरा बढ़ जाता है | 

4. अंडाणुओं के विकसित पर विघ्न डालना :- गर्मी की वजह से अंडाणुओं के विकास पर काफी बुरा असर पड़ता है जिससे वह निशेषन करने के लिए तैयार नहीं हो पते है | 

5. मासिक चक्र में बदलाव आना :- गर्मी से महिला के मासिक चक्र में काफी बदलाव आ जाता है, जिससे उन्हें गर्भवती होने में कई दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है | 

बचाव कैसे करे ? 

  • लैपटॉप को हमेशा टेबल या डेस्क पर रखकर ही इस्तेमाल करें | 
  • लगातार लैपटॉप पर काम न करे, बीच-बीच में ब्रेक लेते रहे | 
  • लैपटॉप पर कूलिंग पैड का प्रयोग करें, जिससे उसकी गर्मी को कम किया जा सके | 
  • शराब, धूम्रपान जैसे नशीली पदार्थों का सेवन न करे | 
  • संतुलित भोजन का खान-पान रखें | 

अगर इस समस्या से जुड़ी कोई भी जानकारी या अपने विचार विमर्श करना चाहते हो तो आप डॉ सुमिता सोफत हॉस्पिटल का परामर्श कर सकते है | इस संस्था के डॉक्टर सुमिता सोफत इनफर्टिलिटी और आईवीएफ में स्पेशलिस्ट है और इन्हे 28 से अधिक वर्षों का तज़र्बा है  |

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