श्रोणि क्या है? पैल्विक दर्द किन कारणों की वजह से उत्पन्न होता है?

श्रोणि क्या है इसका दर्द किन कारणों की वजह से उत्पन्न होता है

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श्रोणि क्या है? पैल्विक दर्द और सूजन के कारण

पैल्विक दर्द और सूजन के कारण: जैसे की हम सब जानते है, की श्रोणि पेट के बिल्कुल नीचे वाले हिस्से को कहा जाता है| कई बार श्रोणि में अचानक ही दर्द उठ जाता है और कई बार गर्भ धारण करने के उपरांत कई कारणों के तहत श्रोणि में दर्द होने लगता है| कई बार यह दर्द इनफर्टिलिटी का इशारा होता है, जिसका मतलब है की आपको गर्भ धारण करने में असहजता का सामना करना पड़ सकता है, परन्तु IVF Centre in Punjab की सहायता से आप उस सहजता को पीछे छोड़ कर एक स्वस्थ बच्चे को जन्म देने में समर्थ हो सकते है| परन्तु कई लोग इस प्रक्रिया का सहारा इस लिए नहीं लेते क्यूंकि अफवाहों के कारण उन्हें लगता है की वे IVF Cost बर्दाश्त नहीं कर सकेंगे|

श्रोणि किसे कहते है?

जब अंडाशय, मूत्राशय, गर्भ और आंत्रीयों के सम्मेल की बात होती है, तो उसे हम श्रोणि कहते हैं| यदि इनमे से किसी भी अंग में दर्द उत्पन्न होता है, तो उसे पेल्विक दर्द की श्रेणी में रखा जाता है| परन्तु यहाँ ये बताना अनिवार्य होगा की , दर्द इन अंगों के आसपास वाली तंत्रिकाओं, मांसपेशियों, जोड़ो या रक्त वाहिकाओं में भी शुरू हो सकता है|

पेल्विक दर्द की समस्या आमतौर पर महिलाओं में बड़े पैमाने पर पाई जाती है|

क्या पेल्विक दर्द दीर्घकालिक भी हो सकता है?

पेल्विक दर्द तीव्र और दीर्घकालिक दोनों ही हो सकता है| तीव्र का अर्थ है की आपको ये दर्द पहली बार सता रहा है और दीर्घकालिक का अर्थ है की यह दर्द एक लम्बे समय से आपके लिए परेशानी का कारण बना हुआ है|

पेल्विक दर्द के मुख्य कारण क्या है?

निम्नलिखित कारणों को पेल्विक दर्दों की मुख्य श्रेणी में रखा जाता है:

  • गर्भपात

यदि गर्भावस्था के २४ हफ्ते से पहले आपको श्रोणि में दर्द होता है तो ये गर्भपात का सूचक होता है|

  • एक्टोपिक गर्भावस्था

जब एक फर्टाइल हुए अंडे का विकास गर्भाशय के बाहर होने लगता है, तो इसे एक्टोपिक गर्भावस्था कहते है| इस स्तिथि में स्त्री को श्रोणि में बहुत तेज दर्द अनुभव होता है|

  • कार्पस लिट्युम सिस्ट का तहस नहस हो जाना

लिट्युम एक ऐसा हॉर्मोन है जो स्त्री को गर्भ धारण रखने में सहायता करता है| ये लिट्युम अपने आप ही समाप्त हो जाते है जब इनका काम ख़तम हो जाता है| परन्तु यदि कभी भी इनमें सूजन आ जाये या फिर ये फट जाये तो आपको श्रोणि में भारी दर्द का सामना करना पड़ सकता है|

  • समय पूर्व प्रसव

कई बार स्त्री को प्रसव पीड़ा तय समय से पहले ही शुरू हो जाती है| इस स्तिथि में उसका वाटर्स टूट जाता है जिस कारण से योनि से निरंतर तरल पदार्थ का बहाव होता रहता है| इस कारण से आपको श्रोणि में असहनीय दर्द का सामना करना पड़ सकता है|

  • गर्भनाल का टूटना

जैसे की हम सबको पता है की बच्चा ऑक्सीजन और भोजन को ग्रहण करने के लिए गर्भनाल पर आश्रित होता है| यदि किसी कारण से ये गर्भनाल गर्भ की दीवार से अलग जाये तो बच्चे को खोने का खतरा हो सकता है| इसलिए यदि गर्भावस्था में कभी भी आपको योनि में असहनीय पीड़ा हो तो ये किसी समस्या का सूचक है, जिसके कारण आपको उसी समय डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए|

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