टेस्टी बेबी क्या है? टेस्ट बेबी कैसे किया जाता है? बाँझपन या निपुंसक्ता आज के दौर में एक ऐसा खतरनाक मुद्दा है जो बहुत से लोगों के जीवन को बर्बाद कर रहा है...
टेस्टी बेबी क्या है? टेस्ट बेबी कैसे किया जाता है?
बाँझपन या निपुंसक्ता आज के दौर में एक ऐसा खतरनाक मुद्दा है जो बहुत से लोगों के जीवन को बर्बाद कर रहा है | माता-पिता बनने और एक सुखी परिवार की चाहत हर किसी को होती है , लेकिन अगर बाँझपन की वजह से आपका यह सपना पूरा न हो पाए तो हर किसी के मन में यही बात आती है की परखनली शिशु तकनीक क्या है , यह कैसे काम करती है और इसकी लगता क्या है ? क्या इसकी मदद से खुशियां दुबारा प्राप्त की जा सकती है ?
परखनली शिशु ( टेस्ट टयूब बेबी ) कैसे होता है?
इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन इस तकनीक को ही परखनली शिशु तकनीक कहा जाता है | यह तकनीक उन जोड़ों के लिए वरदान है जो की कुदरती रूप से प्रजनन के शक्षम नहीं है | उनके लिए एक बच्चे को प्रयोगशाला की परखनली में तैयार किया जाता है और उसे महिला के गर्भशय में रख कर विकास करने के बाद कुदरती रूप से जनम दिल्या जाता है | इसे आईवीऍफ़ तकनीक भी कहा जाता है | https://www.youtube.com/watch?v=n5SeKx1sKgwपर्किर्या
सबसे पहले बहुत से परीक्षणों की मदद से यह पता लगया जाता है की क्या आईवीऍफ़ उपचार के बाद महिला का गर्भशय बच्चे को सम्भलने के लिए शक्षम है या नहीं | - महिला को अंडे पैदा करने के लिए उत्तेजित दवाएं , हार्मोन्स के साथ साथ और भी कई चीजें उपयोग की जाती हैं | महिला के अंडाशय में हर वक्त अंडे नही रहते केवल प्रजनन के दिनों में ही होते हैं | इसलिए महिला के अंडाशय में अंडे पैदा करके उन्हें निकल कर परखनली में रखा जाता है | - महिला के साथी पुरुष से वीर्य लिया जाता है , उसमे से अच्छी किसम के और सबसे उत्तम गुणवत्ता के शक्राणु चुनकर मिश्रित करने के लिए तैयार किया जाता हैं | महिला के अण्डों को परखनली में शकरणुओं के संपर्क में ला कर उन्हें जीवट भ्रूण तैयार किया जाता है | - कुछ दिन उसे प्रयोगशाला में रख आकर उसके विकास को देखा जाता है | उसमे किसी किसम के विकार एवं बीमारी के लिए परीक्षण किये जाते हैं | सब कुछ सही होने पर उसे महिला के गर्भशय में स्थानांतरित कर दिया जाता है |
परखनली शिशु के लिए आदर्श स्थान - भारत
पिछले कई सालों में भारत ने आईवीऍफ़ उपचार के क्षेत्र में बहुत तरक्की की है | बहुत से देशों से लोग भारत में आने लगे है ता की आईवीऍफ़ तकनीक से भारत में उपचार करवाया जा सके | भरत में उन्नत किसम की तकनीक , उच्च दर्जे का पैरा- मेडिकल स्टाफ , अनुभवी चिकत्सक और भी बहुत से चीजे है | भरत को इसके आदर्श चिकत्सों , उपचार की अच्छी गुणवत्ता और लागत में आधार पर एक सही और आदर्श स्थान माना जाता है | बहुत बड़े पैमाने पर आईवीऍफ़ उपचार सेंटरों का खुलना यहाँ पर लागत को भी कम क्रता है | बाकि अन्य देखों की तुलना में भारत में परखनली शिशु की लागत बहुत कम् है |
भारत में परखनली शुशु की लगत क्या है?
सामान्य किसी भी मामले में भारत में परखनली बच्चे को पैदा करने में दो से चार लाख तक का ख़र्च आ सकता है | यह कीमत दुनिआ में बहुतसे देशों में से काफी कम् है | अलग अलग स्थानों और आईवीऍफ़ केंद्रों में लगत अलग अलग हो सकती है | इस पर्किर्या में इलाज की लागत बड़ी मात्रा में प्रजनन दवाओं और इसके आगे के उपभोगों के कारन बढ़ती है | यह एक लम्बी पर्किर्या है और समय के साथ इसकी लागत भी काम हो रही है |
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Medically Reviewed & Authored By
Dr. Sumita Sofat
Gynecologist & Fertility Specialist
Dr. Sumita Sofat is a leading gynecologist and fertility specialist with over 28 years of experience in reproductive healthcare. She is the Managing Director of Dr. Sumita Sofat IVF Hospital, dedicated to providing advanced fertility treatments to couples.