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दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि गर्भावस्था का समय गर्भवती महिलाओं के लिए काफी ज्यादा मुश्किलों से भरा समय होता है। इस दौरान महिलाओं को एक नहीं बल्कि कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में, महिलाओं को अपनी सेहत को लेकर कई तरह के वहम भी पड़ सकते हैं, जिसके लिए उनको अपने डॉक्टर से मिलने कि काफी ज्यादा जरूरत होती है। इस दौरान महिलाओं को अपने और अपने पेट में पल रहे बच्चे की सेहत का विशेष ध्यान रखने की भी काफी ज्यादा जरूरत होती है। इस दौरान महिलाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से कई तरह के बदलावों से गुजरना पड़ता है।
आम तौर पर, ऐसे में कई बार कुछ मामलों में महिलाओं को प्रेगनेंसी के दौरान ब्लीडिंग की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में, ज्यादातर महिलाएं इसी बात को लेकर चिंता में घिरी रहती हैं, कि क्या वाकई प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को पीरियड्स हो सकते हैं? तो इस तरह की स्थिति में बहुत सी महिलाओं का यह मानना है, कि हाँ प्रेगनेंसी के दौरान में पीरियड्स हो सकते हैं, तो कुछ महिलाओं का मानना है, कि प्रेगनेंसी के दौरान पीरियड्स आने की समस्या नहीं हो सकती है। इसी के चलते यह तो तय है, कि प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली ब्लीडिंग को बिल्कुल भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। आम तौर पर, अगर गर्भावस्था के दौरान यह किसी महिला के साथ होता भी है, तो यह एक बहुत ही गंभीर मुद्दा हो सकता है, जिसमें तुरंत डॉक्टर से मिलना काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होता है।
आम तौर पर, हालांकि यह बात बिल्कुल सच है, कि गर्भावस्था के दौरान अगर किसी महिला को ब्लीडिंग की समस्या होती है, तो ऐसे में उसको इस बात को हल्के में लेकर नहीं टालना चाहिए, यह स्थिति नुकसानदायक साबित हो सकती है। पर, अब ऐसे में सवाल यह उठता है, कि क्या वाकई प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को पीरियड्स आने की समस्या हो सकती है? दरअसल, इस पर डॉक्टर का कहना है, कि नहीं गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को पीरियड्स की समस्या नहीं हो सकती है। ऐसे में, केवल प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को स्पॉटिंग या फिर लाइट ब्लीडिंग की समस्या हो सकती है, जो केवल प्रेगनेंसी के शुरुआती चरणों में ही देखने को मिलती है। पर, ऐसे में यह मानना बिल्कुल भी ठीक नहीं है, कि प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को पीरियड्स की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। आम तौर पर, इस पर डॉक्टर का कहना है, कि किसी महिला को पीरियड्स की समस्या तब होती है, जब उस महिला के शरीर में एग फर्टिलाइज नहीं होते हैं और ऐसा गर्भावस्था के दौरान बिल्कुल भी नहीं हो सकता है। दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि लगभग हर महीने गर्भाशय की परत काफी ज्यादा मोटी हो जाती है, ताकि वो एक गर्भावस्था को सहारा प्रदान कर सके। आम तौर पर, जब कोई महिला पेट से नहीं होती है, मतलब कि गर्भवती नहीं होती है, तो ऐसे में शरीर इस परत को शरीर से बाहर निकाल देता है, जिसको हम सभी पीरियड्स के नाम से जानते हैं।
इसी तरह जब कोई महिला पेट से होती है, तो महिला का शरीर इस परत को काफी ज्यादा सुरक्षा प्रदान करता है, ताकि पेट में पल रहे बच्चे को अच्छी तरीके से पोषण प्राप्त हो सके। इसलिए, ऐसे में गर्भावस्था के दौरान किसी भी महिला को पीरियड आना या फिर इस की समस्या होना बायोलॉजिकली बिल्कुल भी संभव नहीं है। ऐसे में अगर आपको किसी भी तरह की समस्या का अहसास होता है, तो आपको बिना देर किए तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। क्योंकि, गर्भावस्था के दौरान पीरियड आना गर्भपात का भी संकेत हो सकता है। इसलिए, इस दौरान सतर्क रहना काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। आइये इस लेख के माध्यम से इस के बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं।
गर्भावस्था के दौरान ब्लीडिंग होने पर क्या किया जा सकता है?
आम तौर पर, गर्भावस्था के दौरान ब्लीडिंग होने पर आपको तुरंत सतर्क होने की जरूरत होती है, अगर ब्लीडिंग गर्भावस्था के शुरुआती चरण में न होकर काफी समय बात होती है तो। ऐसे में आपको निम्नलिखित बातों का विशेष ध्यान रखने की काफी ज्यादा जरूरत होती है, इसमें शामिल है:
- बिना कोई देर किए तुरंत अपने डॉक्टर से मिलें।
- इस दौरान किसी भी तरह का यौन संबंध बनाने से बचें। अगर यौन संबंध बनाना भी है, तो इससे पहले अपने डॉक्टर से एक बार सलाह जरूर करें।
- प्रेगनेंसी के दौरान ब्लड की मात्रा, उसका रंग और ब्लीडिंग की फ्रीक्वेंसी कितनी है इसके बारे में जानें।
निष्कर्ष: गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जिसमें कि उन को गर्भावस्था के शुरूआती चरणों में हल्की-फुल्की ब्लीडिंग या फिर स्पॉटिंग की समस्या का भी सामना करना पड़ सकता है। पर, गर्भावस्था के दौरान महिला को पीरियड होना यह संभव नहीं है। आम तौर पर, कई बार यह किसी खतरे की घंटी की तरफ इशारा होता है, इसलिए सतर्क रहना काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। इस चीज को हल्के में लेना और डॉक्टर से इस बारे में बात न करना यह आपके और आपके पेट में पल रहे बच्चे के लिए काफी ज्यादा हानिकारक साबित हो सकता है। इसलिए इसकी अनदेखी करना ठीक नहीं होता है। इस तरह की स्थिति में, जब कभी भी आपको स्पॉटिंग या फिर ब्लीडिंग की समस्या हो, तो आपको तुरंत अपने डॉक्टर से मिलना चाहिए, ताकि इस दौरान किसी बड़ी समस्या से अपना बचाव किया जा सके। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और गर्भावस्था से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या का तुरंत समाधान पाने के लिए आप आज ही डॉ.सुमिता सोफत अस्पताल में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इस के विशेषज्ञों से इस के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल!
प्रश्न 1. गर्भावस्था के दौरान किन बातों का ख़ास ध्यान रखने की जरूरत होती है?
गर्भावस्था के दौरान एक माँ को कई तरह की बातों का ध्यान रखने की काफी ज्यादा जरूरत होती है। इस दौरान एक माँ को अपने बच्चे को सेहतमंद रखने के लिए नियमित जांच, सही खानपान और साथ में अपनी शारीरिक गतिविधियों का भी विशेष ध्यान रखने की काफी ज्यादा जरूरत होती है। इस दौरान आप अपने डॉक्टर की सलाह से ही कोई काम करें।
प्रश्न 2. महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी किन समस्याओं को शुरुआत में आम समझा जाता है?
दरअसल, आपकी जानकरी के लिए आपको बता दें, कि महिलाओं की सेहत से जुडी ऐसी कई समस्याएं होती हैं, जिनको शुरुआत में क़ाफी ज्यादा आम समझा जाता है और फिर नजअंदाज कर दिया जाता है।, जो बाद में यह समस्याएं आगे चलकर गभीर रूप धारण कर लेती हैं। दरअसल, शुरुआत में आम समझ कर नजरअंदाज करने वाली समस्याओं में लगातार थकान, पेल्विक दर्द, हार्मोनल असंतुलन, थायराइड, और दिल से जुड़ी बीमारियां शामिल हैं।
प्रश्न 3. एक महिला को कितनी उम्र में पीरियड्स आते हैं?
दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि लड़कियों को पहली बार पीरियड्स 11 से 13 साल की उम्र के बीच आ सकते हैं। आम तौर पर, हालांकि लड़कियों के शारीरिक विकास और हार्मोनल बदलावों के आधार पर यह स्थिति 8 से 16 साल की उम्र के बीच में कभी भी शुरू हो सकती है।