दोनों फैलोपियन ट्यूब ब्लॉक होने के बाद भी जानिए गर्भवती होना कैसे हुआ और भी आसान?

Blocked Fallopian Tubes Potential treatments

फैलोपियन ट्यूब को महिला के एक प्रजनन अंग के रूप में जाना जाता है, जो ओवुलेशन पीरियड के दौरान अंडाशय से मुक्त हुए परिपक्व अंडा को गर्भाशय तक पहुंचाते है।

वहीं गर्भाधान के लिए फैलोपियन ट्यूब का स्वस्थ और खुला होना आवश्यक है। अंडा ओवरी से मुक्त होने के बाद इसी ट्यूब में स्पर्म के साथ संयोजित होता है और फर्टिलाइजेशन की प्रक्रिया शुरू होती है। निषेचित होने के बाद इसी ट्यूब के माध्यम से भ्रूण गर्भाशय तक पहुंचता है। इस पूरी प्रक्रिया में फैलोपियन ट्यूब एक जंक्शन का कार्य करता है। इसके अलावा कुछ महिलाओं के द्वारा ये प्रश्न किया जाता है की क्या दोनों फैलोपियन ट्यूब ब्लॉक होने के बाद क्या महिलाएं माँ बन सकती है या नहीं, तो चलिए इसके बारे में आज के लेख के माध्यम से जानने की कोशिश करते है ;

फैलोपियन ट्यूब ब्लॉक होने के क्या कारण है ?

  • यौन संचारित रोग, पेल्विक इंफ्लामेट्री डिजीज प्रजनन अंगों में होने वाला एक बैक्‍टीरियल इंफेक्‍शन है जो कि गर्भाशय और फैलोपियन ट्यूब को प्रभावित करता है। इस इंफेक्‍शन की वजह से पेल्विक हिस्‍से में दर्द, घाव की वजह से संभव होता है और यदि इलाज न किया जाए तो एक्‍टोपिक प्रेग्‍नेंसी हो सकती है।
  • इसके अलावा यूट्राइन इंफेक्‍शन, यौन संचारिक रोग के संक्रमण, मिसकैरेज, पेट या पेल्विक सर्जरी और एंडामेट्रियोसिस की वजह से भी फैलोपियन ट्यूब ब्‍लॉक हो जाती है।

क्या महिलाएं बिना इलाज के गर्भवर्ती हो सकती है ?

  • महिला के शरीर में दो फैलोपियन ट्यूब होती है। अगर दो में से एक ट्यूब खुली है और स्वस्थ है तो आप आसानी से कंसीव कर सकती है। 
  • वहीं लगातार कोशिश करने पर एक से दो साल में एक ट्यूब के माध्यम से महिला गर्भाधारण कर सकती है। 
  • डॉक्टर महिला को प्रजनन ड्रग्स दे सकते है, जो अंडे को खुली ट्यूब की तरफ जाने के लिए प्रेरित करते है। अगर कई कोशिशों के बावजूद महिला एक फैलोपियन ट्यूब से गर्भधारण नहीं कर पा रही तो अन्य तरीके भी अपनाए जा सकते है।
  • और अगर दोनों ट्यूब ब्लाक है, तो बिना उपचार या बिना सहायक तकनीक के गर्भधारण कर पाना असंभव है।

अगर आपकी दोनों फैलोपियन ट्यूब ब्लॉक है, तो इसके लिए आप लुधियाना में फैलोपियन ट्यूब का उपचार करवा सकते है।

फैलोपियन ट्यूब ब्लॉक होने के दौरान किस तरह के लक्षण नज़र आते है ?

  • पेट के नीचे के हिस्से में दर्द का होना। 
  • वजाइना के हिस्सें से डिस्चार्ज का निकलना। 
  • पीरियड्स के दौरान दर्द का होना। 
  • सेक्स के दौरान दर्द व जलन महसूस होना आदि।

अगर फैलोपियन ट्यूब आपकी ब्लॉक हो गई है तो इसके लिए आपको पंजाब में आईवीएफ सेंटर से IVF उपचार का चयन करना चाहिए।

फैलोपियन ट्यूब ब्लॉक होने के बाद महिलाएं किस तरह से गर्भवती हो सकती है ?

IUI एक बेहतरीन विकल्प है संतान प्राप्ति का :

  1. इंट्रा यूटेरिन इंसीमिनेशन (IUI) एक प्रकार से आर्टिफिशियल गर्भाधान की प्रक्रिया है, जिसे फैलोपियन ट्यूब ब्लाक होने की स्थिति में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन इसे सफल बनाने के लिए दो में से एक फैलोपियन ट्यूब का खुला होना आवश्यक है।
  2. वहीं इस प्रक्रिया की शुरुआत में स्पर्म का सैंपल इकठ्ठा करना और उसे धोना शामिल है। स्पर्म को धोकर उसकी गंदगी को साफ़ किया जाता है। केवल स्वस्थ और उच्च गतिशीलता वाले शुक्राणुओं का चयन किया जाता है।
  3. इसके बाद महिला के ओवुलेशन पीरियड का इंतजार किया जाता है। ओवुलेशन पीरियड के दौरान गर्भधारण करने में आसानी होती है। महिला को ओवुलेशन प्रीडिक्टर किट दी जाता है, जो बताता है कि महिला का ओवुलेशन शुरू हो चुका है या नहीं।
  4. इस दौरान महिला को एचसीजी (HCG) इंजेक्शन या फर्टिलिटी ड्रग्स भी दिए जा सकते है, जिससे एक से अधिक परिपक्व अंडों का निर्माण किया जा सके।
  5. ओवुलेशन स्टार्ट होने के एक या दो दिन बाद IUI के अंतिम चरण को अंजाम दिया जाता है। महिला को एग्जामिनेशन टेबल में लिटाया जाता है, डॉक्टर स्पेकुलम की मदद से योनि को खोलते है। इसके बाद कैथेटर (एक उपकरण) के पहले छोर में स्पर्म रखा जाता है और गर्भाशय के पास ले जाकर छोड़ दिया जाता है।
  6. कैथेटर को गर्भाशय के रास्ते से फैलोपियन ट्यूब तक ले जाया जाता है। यही कारण है कि इस प्रक्रिया के लिए एक फैलोपियन ट्यूब का खुला होना आवश्यक माना जाता है।

आईवीएफ भी बेहतरीन विकल्प है संतान प्राप्ति का :

  1. वहीं अगर आपकी दोनों फैलोपियन ट्यूब ब्लाक है, तो ऐसे में इस प्रक्रिया की मदद ली जाती है। यह कोई सर्जरी नहीं, बल्कि एक प्रजनन तकनीक जो गर्भाधान में मदद करती है।
  2. आईवीएफ की प्रक्रिया में परिपक्व अंडा को स्पर्म के साथ लैब में निषेचित किया जाता है। अगर महिला स्वयं के अंडों का उपयोग चाहती है, तो अण्डों के उत्पादन के लिए महिला को प्रक्रिया से पहले प्रजनन दवाइयां दी जा सकती है। यह दवाइयां अंडाशय को एक से अधिक अंडा बनाने के लिए प्रेरित करती है।
  3. एग रिट्रीवल, स्पर्म रिट्रीवल और फर्टिलाइजेशन की प्रक्रिया के बाद एम्ब्रायो ट्रान्सफर की प्रक्रिया शुरू होती है। यह आमतौर पर एग रिट्रीवल के 5 से 6 दिन बाद, क्लीनिक में पूरी की जाती है।
  4. भ्रूण स्थानांतरण की प्रक्रिया के दौरान महिला को हल्का सेडेटिव दिया जा सकता है। इससे महिला को दर्द और असहजता नहीं होती है।
  5. डॉक्टर कैथेटर को योनि में डालते है और गर्भाशय ग्रीवा के रास्ते सीधा गर्भाशय तक ले जाते है। कैथेटर के अंत में एक सिरिंज लगी होती है, जिसमे एक या एक से अधिक भ्रूण होते हैं। और इन भूर्ण को गर्भाशय में डाल दिया जाता है और कैथेटर को बाहर निकाल लिया जाता है।

ब्लॉक फैलोपियन ट्यूब का इलाज कैसे किया जाता है ?

  1. अगर महिला के शरीर में एक फैलोपियन ट्यूब ब्लॉक हो और एक सही हो तो उस एक ट्यूब की मदद से ही महिलाओं का माँ बनना 50 फीसदी तक सही रहता है, लेकिन अगर ये फैलोपियन ट्यूब दोनों ही बंद हो तो ऐसे में महिला का माँ बनना असंभव हो जाता है। 
  • वहीं दोनों फैलोपियन ट्यूब ब्लॉक होने वाली महिलाओं का इलाज “केन्युलेशन तकनीक” के द्वारा किया जाता है, और इस तकनीक में डॉक्टर फॉलोपियन ट्यूब ब्लॉकेज का इलाज दवाइयों की मदद से करने की कोशिश करते है।
  • अगर दवाएँ कारगर साबित ना हो, तो ऐसी स्थिति में कैन्यूलाइज़ेशन तकनीक का इस्तेमाल करके इसे ठीक करने की कोशिश की जाती है।
  • इस तकनीक में एक पतले से तार को सर्विक्स के ज़रिये फॉलोपियन ट्यूब में पहुँचाया जाता है और ब्लॉकेज को इसकी मदद से हटाने की कोशिश भी की जाती है।
  1. इसके बाद दूसरा इलाज “नॉन-सर्जिकल ट्रीटमेंट” है और इस ट्रीटमेंट में फॉलोपियन ट्यूब में अगर ब्लॉकेज ज्यादा होती है, तो ऐसी स्थिति में ब्लॉकेज से प्रभावित हुए हिस्से को हटाकर बाकी हिस्से को टांकों की मदद से जोड़ा जाता है।
  • फॉलोपियन ट्यूब की ब्लॉकेज को खोलने के लिए नॉन-सर्जिकल ट्रीटमेंट को काफी सफल माना जाता है।
  • हालांकि फॉलोपियन ट्यूब की ब्लॉकेज का उपचार कितना सफल होगा यह कई परिस्थितियों पर निर्भर करता है, जैसे कि महिला की उम्र, ब्लॉकेज की वजह और एक ट्यूब में ब्लॉकेज है या दोनों में।

वहीं अगर इन दोनों उपचारों से भी महिलाओं की फॉलोपियन ट्यूब की ब्लॉकेज ठीक न हो, तो इसके लिए आपको सोफत इनफर्टिलिटी एन्ड वीमन केयर सेंटर से आईवीएफ (IVF) उपचार का चयन करना चाहिए।

ध्यान रखें :

दोनों फैलोपियन ट्यूब ब्लॉक होने पर आपको इसके लिए उपचार को नहीं ढूंढ़ना चाहिए बल्कि बिना समय गवाए आपको आईवीएफ उपचार का चयन करना चाहिए। 

निष्कर्ष :

महिलाओं की फैलोपियन ट्यूब ब्लॉक होने पर उन्हें घबराना नहीं चाहिए, क्युकी इसके ब्लॉक होने पर भी आप संतान को आसानी से प्राप्त कर सकती है, वो भी IVF की मदद से। इसलिए जरूरी है की अगर आपको लक्षणों से पता चल गया है की आप माँ नहीं बन सकती वो भी ब्लॉक फैलोपियन ट्यूब के कारण तो इसके लिए आपको किसी बेहतरीन IVF सेंटर का चयन करना चाहिए।

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