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आम तौर पर, लगभग सभी के घरों में खाना बनाने की सभी चीजों में सरसों के तेल का इस्तेमाल किया जाता है। हालाँकि, हमारे घर में भी कई सालों से खाना पकाने के लिए सरसों के तेल का ही उपयोग किया जा रहा है। आम तौर पर, यहां तक सरसों का तेल त्वचा और बालों के लिए भी काफी ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। इसके साथ ही आपकी जानकरी के लिए आपको बता दें, कि सरसों के तेल में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो जोड़ों में दर्द और अर्थराइटिस जैसी गंभीर समस्यायों के लिए काफी ज्यादा लाभदायक सिद्ध होता है। इसलिए, ज्यादातर लोग अपने घरों में खाना पकाने के लिए सरसों के तेल का इस्तेमाल करते हैं। सरसों के तेल के बारे में इतना कुछ जानने के बाद इस तरह की स्थिति में कई लोगों के मन में सवाल उठता है, कि क्या गर्भावस्था के दौरान खाना बनाने के लिए सरसों के तेल का इस्तेमाल सेहत के लिए बेहतर होता है? दरअसल, गर्भावस्था के दौरान खाना बनाने के लिए सरसों के तेल का इस्तेमाल करना बेहतर नहीं होता है। यह गर्भवती महिला की सेहत के लिए सुरक्षित नहीं होता है, क्योंकि डॉक्टरों के अनुसार, इसका सेवन करने की वजह से गर्भ में पल रहे शिशु के विकास में रुकावट पैदा हो सकती है, जो माँ और बच्चे दोनों के लिए सही नहीं है। तो आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं।
क्या गर्भावस्था के दौरान सरसों के तेल का सेवन किया जा सकता है?
जैसे, कि आपको इसके बारे में पहले ही बताया गया है, कि सरसों के तेल में कई तरह के मिश्रण पाए जाते हैं, जो हमारी पूरी सेहत के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद साबित होते हैं। पर, आम तौर पर, विशेषज्ञों के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान सरसों के तेल का सेवन करना एक महिला के लिए लाभदायक सिद्ध नहीं होता है, क्योंकि इसमें गुणों के अलावा कई एरुसिक एसिड और एलिल आइसोथियोसाइनेट जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो गर्भवती महिला के लिए ठीक नहीं होते हैं। आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि काफी ज्यादा मात्रा में इसका सेवन गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे बच्चे की सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। पर, ऐसे कई इलाके हैं, जहां पर खाना बनाने के लिए सरसों के तेल का इस्तेमाल किया जाता है। पर, अगर डॉक्टर की माने तो गर्भावस्था के दौरान खाना बनाने के लिए अन्य सेहतमंद विकल्पों का चुनाव किया जा सकता है।
गर्भावस्था के दौरान सरसों के तेल का सेवन क्यों नहीं करना चाहिए?
दरअसल, निम्नलिखित कारणों की वजह से आप गर्भावस्था के दौरान सरसों के तेल का सेवन नहीं कर सकते हैं. जैसे कि
1. एरुसिक एसिड
आम तौर पर, सरसों के तेल में एरुसिक एसिड काफी मात्रा में मौजूद होता है, जो दिल की सेहत के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं होता है। दरअसल, सिर्फ इतना ही नहीं गर्भावस्था के दौरान सरसों का तेल मेटाबॉलिज्म पर भी काफी ज्यादा बुरा प्रभाव डालता है।
2. केमिकल कंपाउंड
दरअसल, एलिल आइसोथियोसाइनेट जैसे कंपाउंड सरसों के तेल में काफी मात्रा में मौजूद होते हैं, जो माँ और गर्भ में पल रहे बच्चे दोनों की सेहत को बुरी तरीके से प्रभावित कर सकते हैं। इसके साथ ही, ये कंपाउंड बच्चे के विकास में बहुत रुकावट डालते हैं, जो बच्चे के लिए काफी ज्यादा नुकसानदायक हो सकता है।
गर्भावस्था के दौरान किस तेल से खाना बनाएं?
वैसे तो गर्भावस्था के दौरान कई प्रकार के तेलों का इस्तेमाल किया जाता है, पर आप गर्भावस्था के दौरान निम्नलिखित तेलों का इस्तेमाल खाना बनाने के लिए कर सकते हैं, जैसे कि
1. ऑलिव ऑयल तिल का तेल
2. नारियल का तेल
हालांकि, आम तौर पर गर्भावस्था के दौरान किसी भी तरह के तेल का इस्तेमाल करने से पहले उस तेल में मौजूद कंपाउंड का अच्छे तरीके से ध्यान रखें और तेल से होने वाली एलर्जी का भी विशेष ध्यान रखें।
निष्कर्ष: दरअसल, इसमें किसी भी तरह का कोई शक नहीं है, कि सभी के घरों में खाना बनाने के लिए सरसों के तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है। बेशक इससे खाने का स्वाद बढ़ता हो, पर गर्भावस्था के दौरान खाना बनाने के लिए सरसों के तेल का इस्तेमाल ठीक नहीं होता है। दरअसल, डॉक्टर के अनुसार सरसों के तेल में कई इस तरीके के तत्व पाए जाते हैं, जो गर्भवती महिला के गर्भ में पल रहे बच्चे के विकास में रुकावट पैदा करने के साथ -साथ महिला की सेहत को भी काफी ज्यादा नुकसान पहुंचते हैं। इस तरह की स्थिति से बचने के लिए बेहतर है, कि आप सरसों के तेल की जगह सूरजमुखी तेल, नारियल तेल और ऑलिव ऑयल तिल के तेल का इस्तेमाल करें। अगर आपको भी इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करनी हैं, या फिर गर्भावस्था के दौरान आपको किसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जिसका आप समाधान चाहते हैं, तो आप आज ही सुमिता सोफत हस्पताल में जाकर इसके विशेषज्ञों से इसके बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।