Book Appointment

प्रेगनेंसी टेस्ट करने के लिए किन बातों का रखें खास ध्यान ?

क्या है प्रेगनेंसी टेस्ट की सम्पूर्ण प्रक्रिया

Loading

प्रेगनेंसी टेस्ट क्या है इसको कैसे करना चाहिए, या आप घर पर इस टेस्ट को कैसे कर सकते है और इस टेस्ट को करने के बाद किन बातों का ध्यान रखना चाहिए इसके बारे में आज के सम्पूर्ण लेख में चर्चा करेंगे ;

गर्भावस्था के शुरुआती लक्षण क्या है ?

  • गर्भवती होते ही आपका शरीर कई ऐसे संकेत देने लगता है, जिससे आप खुद के गर्भवती होने के बारे में अंदाजा लगा सकती है। 
  • गर्भावस्था के शुरूआती लक्षणों की जानकारी हर महिला को होनी चाहिए। 
  • वैसे तो माहवारी का निर्धारित समय पर ना आना गर्भवती होने का सबसे मुख्य लक्षण माना जाता है लेकिन इसके अलावा भी कई लक्षण है।
  • जैसे कि अगर आप गर्भवती है तो शुरुआत में आपको उल्टी आना, जी मिचलाना, पीठ में हल्का दर्द जैसे लक्षण नजर आ सकते है। इस दौरान शरीर में बहुत तेजी से हार्मोनल बदलाव होने लगते है जिसके कारण कुछ महिलाओं के स्वभाव में चिडचिडापन नजर आने लगता है। 
  • गर्भवती होने पर सुबह सोकर उठने पर बहुत थकान महसूस होता है और सुबह-सुबह जी मिचलाने की समस्या ज्यादा रहती है। इस दौरान आपको बार-बार पेशाब भी आ सकता है। अगर आपको ऊपर बताए ये लक्षण महसूस हो रहे है तो गर्भावस्था की जांच करें।
See also  What all you should know about the journey from egg to embryo in the IVF cycle?

यदि आपमें उपरोक्त गर्भावस्था के लक्षण नज़ए आए तो इसके लिए आपको महिलाओं की विशेषज्ञ डॉक्टर का चयन करना चाहिए।

प्रेगनेंसी टेस्ट कब और कितने दिन में करें ?

  • प्रेगनेंसी टेस्ट व इसके बेहतर नतीजों के लिए पीरियड मिस होने के 10-14 दिन बाद प्रेग्नेंसी टेस्ट आप कर सकती है। 
  • वहीं घर में टेस्ट के बाद रिजल्ट पॉजिटिव आए तो डॉक्टर की सलाह लेने के बाद ब्लड टेस्ट करवाए जा सकते है।
  • वैसे तो कंसीव होने के 6 दिन से 2 सप्ताह के बीच में प्रारम्भिक लक्षण महिला को महसूस होने लगते है। कुछ औरतों को प्रेगनेंसी की शुरूआत में कोई लक्षण महसूस नहीं होते हैं इस कारण उन्हें पता भी नहीं चल पाता है कि वो प्रेगनेंट है।

प्रेगनेंसी किट से प्रेगनेंसी कैसे चेक करें ?

  • इसके लिए सबसे पहले किसी मेडिकल स्टोर से आपको एक प्रेगनेंसी किट लेनी है और ये किट आपको आसानी से मिल जाएगी। 
  • फिर इसके टेस्ट की शुरुआत करने से पहले, आपको प्रेगनेंसी किट के निर्देशों को पढ़ना चाहिए और उन्हें ध्यान से समझना चाहिए।
  • इसके बाद टेस्ट किट को सुरक्षित रूप से खोले और निर्देशों के अनुसार उपयोग करें।
  • फिर किट में दिए गए स्ट्रिप/ड्रॉपर को उठाएं और उसमें सबसे पहले सुबह का यूरिन सेम्पल डालें।
  • थोड़ी देर तक इंतजार करें ।
  • फिर इसमे आपको एक गुलाबी लाइन का संकेत नज़र आएगा। 
  • थोड़ी देर बाद दो गुलाबी लाइनों का संकेत। 
  • अगर आपको दो तरह की गुलाबी लाइनों का संकेत नज़र आए तो समझ जाए की आप प्रेग्नेंट है।
See also  Everything About IVF- A New Hope For Couples Who Are Facing Infertility

यदि आप भारत में आईवीएफ उपचार के जरिये गर्भवती हुई है, तो इसके लिए आपको भी प्रेगनेंसी किट से ऐसे ही जाँच करनी है।

प्रेगनेंसी किट से जुडी मुख्य बातें !

  • कई बार प्रेगनेंसी किट भी गलत परिणाम दे सकते है। जैसे कि आप गर्भवती हों लेकिन आपके मूत्र में एचसीजी हार्मोन की मात्रा उतनी ना हो कि जांच में उसकी मौजूदगी का पता चल सके। 
  • एचसीजी की मात्रा कम होने पर गर्भवती होने के बावजूद भी रिजल्ट नेगेटिव आ सकते है। ऐसे में जरूरी है की आप क्लिनिक पर जाकर गर्भावस्था की जांच करवाएं।
  • जांच में परिणाम नकारात्मक आने पर 4-5 दिन बाद फिर से जांच करें क्योंकि कुछ महिलाओं में धीरे-धीरे एचसीजी हार्मोन का स्तर बढ़ता है।
  • जांच करने से पहले बहुत अधिक मात्रा में पानी ना पियें, क्योंकि इससे मूत्र में एचसीजी हार्मोन की मात्रा प्रभावित हो सकती है।

सुझाव :

पीरियड्स मिस होने पर प्रेगनेंसी जाँच करवाना न भूले। 

See also  Does chances of pregnancy from IVF increase by collecting more number of eggs?

प्रेगनेंसी जाँच के लिए बेस्ट सेंटर !

यदि प्रेगनेंसी किट में जाँच करने के बाद आपका रिजल्ट पॉजिटिव आया है तो इसके लिए आपको अपनी खुद की अगली जाँच के लिए सोफत इनफर्टिलिटी एन्ड वीमन केयर सेंटर का चयन करना चाहिए।