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पीसीओएस क्या होता है, इसके लक्षण, कारण और घरेलू उपाय ?

पीसीओएस क्या होता है, इसके लक्षण, कारण और घरेलू उपाय ?

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पीसीओएस और पीसीओडी एक ही स्थिति होती है, जो महिलाओं के अंडाशय को प्रभावित कर सकती है | अंडाशय प्रजनन का एक अंग होता है, जो प्रोजेस्टेरोन और एंड्रोजेन हार्मोन का उत्पादन करता है, जिससे मासिक धर्म चक्र को नियमित करने में मदद मिलती है | दुनियाभर पर लगभग 10 प्रतिशत महिलाएं पीसीओएस की समस्या से पीड़ित है | पीसीओएस से पीड़ित महिलाओं में पुरुष हार्मोन का उत्पादन सामान्य से अधिक मात्रा में होने लग जाता है, जो हार्मोन्स के संतुलन को बिगाड़कर, मासिक धर्म को नहीं आने देता है, जिससे बाद में महिलाओं को गर्भवती होने में परेशानी होती है | आइये जानते है पीसीओएस को विस्तार पूर्वक से :- 

पीसीओएस क्या होता है ? 

पीसीओएस यानी पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम एक ऐसी स्थिति होती है, जिससे महिला अपने प्रजनन वर्षों यानी 12 से 51 साल की उम्र के बीच में असंतुलन हार्मोनल से प्रभावित हो जाती है | आसान भाषा में बात करें तो पीसीओएस से पीड़ित महिलाओं में पुरुष हार्मोन का स्तर सामान्य रूप से अधिक बढ़ने लग जाता है, जिसकी वजह से उन्हें मासिक धर्म नहीं आते है और गर्भधारण करने के दौरान कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ जाता है | इसके अलावा शरीर और चेहरे के कई हिस्सों मे बाल उगने शुरू हो जाते है | यदि पीसीओएस काफी लंबे समय तक रहता है तो यह हृदय से जुड़ी बीमारी या फिर डायबटीज़ का कारण बन सकता है | पीसीओएस एक गंभीर स्थिति है जिसका सही समय पर इलाज करवाना बेहद ज़रूरी होता है | आइये जानते है पीसीओएस की मुख्य लक्षण क्या है :- 

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पीसीओएस के मुख्य लक्षण 

कुछ महिलाओं को पीसीओएस के लक्षणों का अनुभव अपने मासिक धर्म के पहले दिन हो सकता है, तो कुछ महिलाओं का इसके बारे में तब पता चलता है, जब उनका वजन अनियमित रूप से बढ़ने लग जाता है या फिर गर्भधारण करने में मुश्किलें आती है | पीसीओएस के मुख्य लक्षणों में शमिल है :- 

  • ओलिगोमेनोरिया यानी अनियमित मासिक धर्म का होना 
  • एमेनोरिया यानी मासिक धर्म का छूट जाना या फिर रह जाना  
  • मेनोरेजिया यानी मासिक धर्म के दौरान भारी रक्तस्त्राव होना 
  • शरीर के पीठ, पेट, छाती और चेहरे में अत्यधिक बाल का उगना 
  • चेहरे, छाती और पीठ के ऊपर मुंहासे का उत्पन्न होना 
  • वजन का अनियमित रूप से बढ़ना 
  • गंजापन होना 
  • गर्दन, कमर और स्तनों के नीचे त्वचा के रंग का काला पड़ जाना  

पीसीओएस के मुख्य कारण  

पीसीओएस होने के मुख्य कारणों का अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन इससे जुड़े कुछ कारक है, जो इसके स्थिति को गंभीर बनाते है, जिसमें शामिल है :- 

  • अनियमित इन्सुलिन का उत्पादन होना :- शरीर में इन्सुलिन के अत्यधिक उत्पादन होने से एंड्रोजन नामक हार्मोन का स्तर बढ़ सकता है, जिससे ओवलूशन में परेशानी होती है |     
  • एंड्रोजेन के स्तर का बढ़ना :- जब महिलाओं के शरीर में मौजूद अंडाशय एंड्रोजेन नामक हार्मोन का उत्पादन अत्यधिक करने लग जाता है तो इससे शरीर में मुहांसे और हर्सुटिज़्म यानि अत्यधिक बाल उगने लग जाते है |  
  • सूजन होना :- हालही में आये एक अध्ययन में यह बताया गया की पीसीओएस से पीड़ित महिलाओं में निम्न-स्तर के सूजन हो जाती है, जिससे एंड्रोजेन का स्तर बढ़ने लगता है और रक्त वहिकायिओं संबंधी समस्या उत्पन्न हो जाती  है | 
  • अनुवांशिक कारण :- यदि आपके परिवार में किसी भी सदस्य को पीसीओएस की समस्या है तो उससे आपको होने की संभावना बढ़ सकती है |   
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पीसीओएस के इलाज के लिए घरेलू उपचार 

  • दालचीनी इंसुलिन को स्तर को बढ़ने से रोकता है और मोटापे को भी कम करता है, इसलिए एक चम्मच दालचीनी पाउडर को एक गिलास गर्म पानी के साथ सेवन करें | 
  • यदि लंबे समय से आप पीसीओएस की समस्या से परेशान है तो इसके इलाज के लिए आप पुदीने का उपयोग कर सकते है | पुदीने के 7 से 8 पत्तों को पानी में अच्छे से उबाल लें, फिर इस पानी को छान कर चाय की तरह सेवन करें | इसके सेवन के कुछ ही हफ़्तों में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का स्तर कम हो जायेगा | 
  • मेथी वजन को कम करने के साथ-साथ पीसीओएस की समस्या को भी कम करने में मदद करता है | इसलिए मेथी के दानों को एक गिलास पानी में भिंगो कर, उसे रातभर के लिए छोड़ दें और सुबह खली पेट इस पानी का सेवन करें |   

यदि यह सब करने के बाद भी आपकी समस्या पर किसी भी प्रकार का सुधार नहीं आ रहा है तो इलाज के डॉक्टर सुमिता सोफत से परामर्श करें | डॉक्टर सुमिता सोफत पंजाब की बेहतरीन आईवीएफ ट्रीटमेंट स्पेशलिस्ट में से एक है, जो पिछले 30 वर्षों से पीड़ित मरीज़ों का सटीकता से इलाज कर रही है | इसलिए आज ही द सोफत इंफर्टिलिटी एंड वुमन केयर सेंटर की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाएं और चयन के लिए अपनी नियुक्ति को बुक करें | आप वेबसाइट पर दिए गए नंबरों से संपर्क कर अपनी नियुक्ति की बुकिंग करवा सकते है |  

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