![]()
दरअसल, एक बच्चे की माँ बनना किस महिला का सपना नहीं होता। लगभग सभी महिलाएं मां बनने का सपना देखती है और वह चाहती हैं, कि उनकी गर्भावस्था शुरू से लेकर अंत तक सेहतमंद रहे। चूंकि इस तरह स्थिति में एक सेहतमंद गर्भावस्था पाने के लिए कई तरह की सावधानियों का ध्यान रखने और देखभाल की काफी ज्यादा जरूरत होती है।
आम तौर पर, गर्भावस्था के दौरान एक महिला को मानसिक और शारीरिक तौर पर कई तरह के बदलावों का सामना करना पड़ता है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि गर्भावस्था के 9 महीनों की अवधि में एक महिला के शरीर में हार्मोन्स के स्तर में काफी ज्यादा उतार-चढ़ाव होता है, जिसकी वजह से गर्भवती महिला और पेट में पल रहे बच्चे की सेहत काफी ज्यादा प्रभावित होती है। इस दौरान, गर्भवती महिलाओं को ब्लड प्रेशर और शरीर में शुगर लेवल बढ़ने का खतरा भी काफी ज्यादा रहता है। इस तरह ही, एक गर्भवती महिला के शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी काफी ज्यादा बढ़ सकता है, जिसकी वजह से गर्भवती महिला और उसके पेट में पल रहे बच्चे की सेहत को काफी ज्यादा नुकसान पहुंच सकता है। आपको बता दें, कि गर्भावस्था के दौरान बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर कई बड़े नुकसान हो सकते हैं, जैसे कि जेस्टेशनल डायबिटीज़ का खतरा बढ़ना, बच्चे में दिल से जुड़ी बिमारियों का होना, बच्चे के विकास में रुकावट होना और साथ में ऑक्सीडेटिव तनाव का बढ़ना होता है। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं।
गर्भावस्था में बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के क्या-क्या कारण हो सकते हैं?
आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि गर्भावस्था के पहले तीन महीनों के दौरान ही महिला के शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ने लग जाता है। आम तौर पर, इसके कई कारण हो सकते हैं, जिसमें रोजाना अनहेल्दी डाइट का सेवन करना और गैर सेहतमंद लाइफस्टाइल को अपनाना शामिल हो सकता है। आपको बता दें, कि गर्भावस्था के दौरान गलत तरीके के खान- पान का सेवन करना और साथ में लाइफस्टाइल से जुड़ी गलत आदतों को अपनाने की वजह से महिला के शरीर में हार्मोन्स के स्तर में काफी ज्यादा बदलाव होने लग जाता है, जिससे महिला के शरीर में फैट का लेवल काफी ज्यादा बढ़ने लग जाता है। इसी तरह, इस तरह की स्थिति में, टेस्टोस्टेरोन और एस्ट्रोजन हार्मोन के स्तर में असंतुलन की वजह से महिला के शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर काफी ज्यादा बढ़ने लग जाता है।
गर्भावस्था के दौरान बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर माँ और बच्चे को होने वाले नुक्सान
आम तौर पर, गर्भावस्था के दौरान बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर माँ और बच्चे दोनों को कई बड़े नुक्सान हो सकते हैं, जिसमें से कुछ निम्नलिखत अनुसार हो सकते हैं, जैसे कि
1. जेस्टेशनल डायबिटीज का खतरा बढ़ना
दरअसल, गर्भावस्था के दौरान एक महिला के शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर जेस्टेशनल डायबिटीज जैसी समस्या का खतरा काफी ज्यादा बढ़ सकता है। आम तौर पर, इस तरह की समस्या की वजह से गर्भवती महिला के शरीर में ब्लड शुगर लेवल काफी ज्यादा बढ़ जाता है, जिससे माँ और गर्भ में पल रहे बच्चे दोनों को काफी नुक्सान पहुंच सकता है।
2. बच्चे में दिल से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ना
आम तौर पर, गर्भवती महिला में बैड कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ने पर गर्भवती महिला के पेट में पल रहे बच्चे को दिल से जुड़ी कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इससे बच्चे का दिल बुरी तरीके से प्रभावित हो सकता है और इसके साथ ही बच्चे को आगे चलकर हार्ट डिजीज होने का खतरा काफी ज्यादा हो सकता है।
3. बच्चे के विकास में रुकावट होना
गर्भावस्था के दौरान महिला के शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने जैसी समस्या की वजह से एक औरत के गर्भ में पल रहे बच्चे के विकास में कई तरह की दिक्क़ते आ सकती हैं। इसके अलावा, इसकी वजह से होने वाले बच्चे का विकास धीमा हो सकता है।
4. ऑक्सीडेटिव तनाव का बढ़ना
आम तौर पर, गर्भवती महिला में बैड कोलेस्ट्रॉल ऑक्सीडेटिव तनाव का कारण बन सकता है, जो माँ और गर्भ में पल रहे बच्चे दोनों की सेहत को बुरी तरीके से प्रभावित कर सकता है। दरअसल, इसकी वजह से माँ और बच्चे को सेहत और दिमाग से जुड़ी कई तरह की समस्याओं का सामान करना पड़ सकता है।
निष्कर्ष: माँ बनना हर औरत का सपना होता है, पर इस दौरान एक औरत को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जिसमें गर्भावस्था के दौरान बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर माँ और गर्भ में पल रहे बच्चे को कई बड़े नुकसानों का सामना करना पड़ सकता है, जिसमें जेस्टेशनल डायबिटीज़ का खतरा बढ़ना, बच्चे में दिल से जुड़ी बिमारियों का होना, बच्चे के विकास में रुकावट होना और साथ में ऑक्सीडेटिव तनाव का बढ़ना शामिल होता है। गर्भावस्था के दौरान बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं, जिसमें रोजाना अनहेल्दी डाइट का सेवन करना और लाइफस्टाइल से जुड़ी गलत आदतों को अपनाना हो सकता है। गर्भावस्था के दौरान गंभीर समस्या होने पर आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और गर्भावस्था से जुड़ी तरह- तरह की समस्याओं का समाधान पाने के लिए आप आज ही सुमीता सोफत अस्पताल में जाकर इसके विशेषज्ञों से इसके समाधान के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।