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आम तौर पर, सभी महिलाओं के लिए गर्भावस्था का सफर काफी ज्यादा खूबसूरत होने के साथ- साथ कई तरह की मुश्किलों से भी भरा हुआ होता है। ऐसे में महिलाओं को कई तरह के शारीरिक और मानसिक बदलावों से गुजरना पड़ता है। ऐसे में, सभी गर्भवती महिलाओं को चाहिए, कि वो अपनी और अपने बच्ची की सेहत का अच्छे तरीके से ख्याल रखें और एक सेहतमंद जीवनशैली को अपनाएं। इस दौरान महिलाओं को हर छोटी से छोटी चीज का महत्वपूर्ण रूप से ध्यान रखने की काफी ज्यादा जरूरत होती है। ऐसे में, महिलाओं को चाहिए, कि वह शरीर में दिखने वाले हर छोटे से छोटे संकेत पर ध्यान करें और इस दौरान किसी भी तरह का कोई भी गंभीर लक्षण दिखने पर एक बार अपने डॉक्टर से जरूर संपर्क करें।
आम तौर पर, इसमें किसी भी तरह का कोई शक नहीं है, कि इस दौरान महिलाओं को अपनी आम जिंदगी से ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है। दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को अपने शरीर में दिखने वाले किसी भी तरह के संकेत को बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। क्योंकि, इस दौरान शरीर में कई बार ऐसे संकेत नज़र आते हैं, जो माँ और बच्चे दोनों की सेहत के लिए काफी ज्यादा हानिकारक साबित हो सकते हैं। इसलिए, इस दौरान शरीर में नज़र आने वाले किसी भी तरह के संकेत को नजरअंदाज करना काफी ज्यादा हानिकारक साबित हो सकता है। अगर आप फिर भी इन संकेतों को नजरअंदाज कर देती हैं और डॉक्टर से इसके बारे में सलाह नहीं करती हैं, तो यह सेहत के लिए काफी ज्यादा गंभीर भी साबित हो सकते हैं।
दरअसल, डॉक्टर का इस पर कहना है, कि अगर वक्त रहते शरीर में नज़र आने वाले संकेतों पर ध्यान दे दिया जाये और गर्भावस्था के दौरान महिला को होने वाली परेशानी की समय पर पहचान कर ली जाये, तो इससे माँ और बच्चे दोनों की जान बचाई जा सकती है। इसलिए, हर गर्भवती महिला को शरीर में नज़र आने वाले इन खतरनाक संकेतों पर ध्यान देने कि काफी ज्यादा जरूरत होती है, ताकि होने वाली समस्या का पता चल सके और आगे चलकर होने वाली किसी गंभीर समस्या से अपना बचाव किया जा सके। आम तौर पर, शरीर में नज़र आने वाले इन संकेतों में वजाइना से खून बहना, पेट में काफी तेज दर्द होना, चेहरे और हाथों में अचानक से सूजन होना, सिर में तेज दर्द होना या फिर नज़रमें बदलाव होना, गर्भ में बच्चे की हलचल कम होना और तेज बुखार या फिर संक्रमण के लक्षण नज़र आने जैसे कई तरह के संकेत शामिल हो सकते हैं। आपको बता दें, कि जिस किसी भी गर्भवती महिला को इस तरह के लक्षण नज़र आते हैं, उन को सावधानी बरतने और इस दौरान सतर्क रहने की काफी ज्यादा जरूरत होती है। क्योंकि, यह खतरनाक संकेत बच्चे और मां दोनों को काफी ज्यादा नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए, गर्भावस्था के दौरान नज़र आने वाले किसी भी तरह के संकेतों पर घोर करना काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। इस तरह की स्थिति में आपको बिना देर किये अपने डॉक्टर से मिलना चाहिए। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं।
गर्भावस्था के दौरान नज़र आने वाले खतरनाक संकेत!
दरअसल, डॉक्टर के अनुसार गर्भावस्था के दौरान महिला को अपनी हर चाल पर नज़र रखनी चाहिए, क्योंकि इससे उसकी और उसके बच्चे दोनों की सेहत जुड़ी हुई होती है। इसलिए, हर गर्भवती महिला को गर्भावस्था के दौरान शरीर में नज़र आने वाले इन खतरनाक संकेतों पर ध्यान देने की काफी ज्यादा जरूरत होती हैं। ऐसा करने पर ही माँ और बच्चे दोनों की सेहत को बरकरार या फिर यूं कहो कि दोनों की जान बचाई जा सकती है। इन संकेतों में शामिल हैं, जैसे
- वजाइनल ब्लीडिंग होना
आम तौर पर, डॉक्टर के अनुसार गर्भावस्था के शुरुआती चरणों में हल्का खून बहना और हल्की स्पॉटिंग होना आम होती है, पर अगर यह समस्या काफी समय बाद यानी कि 12 सप्ताह के बाद नजर आये, वो भी भारी ब्लीडिंग के साथ तो यह किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है, जिस पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत होती है। दरअसल, यह किसी एक्टोपिक प्रेगनेंसी, गर्भपात या फिर प्लेसेंटा से जुड़ी किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। जिस में आपको तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए। ताकि स्थिति और गंभीर न हो।
- पेट में तेज दर्द होना
गर्भावस्था के दौरान पेट में हल्का दर्द होना आम है, पर अगर इस तरह की स्थिति में आपके पेट में लगातार और पेट की एक तरफ या फिर पेट में ऐंठन जैसा दर्द महसूस हो तो इस तरह की स्थिति में आपको तुरंत डॉक्टर से मिलने की जरूरत होती है। आम तौर पर, ज्यादातर महिलाओं को इस तरह का दर्द गैस का या फिर आम लगता है, जिसके कारण वह इस दर्द को सह जाती हैं और नजरअंदाज कर देती हैं, जो काफी ज्यादा गंभीर भी हो सकता है। शरीर में नजर आने वाले इस संकेत पर ध्यान देने की काफी ज्यादा जरूरत होती है। क्योंकि, कई बार पेट में होने वाली यह समस्या एक्टोपिक प्रेगनेंसी (गर्भाशय के बाहर भ्रूण का ठहर जाना), समय से पहले प्रसव होना या फिर प्लेसेंटा एब्रप्शन (प्लेसेंटा का वक्त से पहले अलग हो जाना) की तरफ इशारा हो सकता है। ऐसे में आप तुरंत डॉक्टर से मिलें और अपनी जांच करवाएं।
निष्कर्ष: गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़त है। इस दौरान महिलाओं को अपनी सेहत के साथ साथ बच्चे की सेहत का भी महत्वपूर्ण रूप से ख्याल रखने की काफी ज्यादा जरूरत होती है। ऐसे में, खाने पीने से लेकर गर्भवती महिलाओं को शरीर में नज़र आने वाले हर संकेतों पर महत्वपूर्ण ध्यान देने की काफी ज्यादा जरूरत होती है, क्योंकि यह संकेत माँ और बच्चे दोनों की सेहत के लिए काफी ज्यादा खतरनाक साबित हो सकते हैं। इन संकेतों में बच्चे की हलचल कम होना, सिरदर्द होना और तेज संक्रमण होना जैसे संकेतों को नजरअंदाज करने की बजाए आपको आपको अपने डॉक्टर से मिलना चाहिए। गर्भावस्था के दौरान नज़र आने वाले यह सभी संकेत शरीर के लिए खतरे की घंटी होते हैं, हो तुरनर डॉक्टरी जांच की तरह इशारा करते हैं। गर्भावस्था के दौरान नज़र आने वाले किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज करने की गलती न करें। अपनी अगली अपॉइंटमेंट का इंतजार करने की बजाए, तुरंत डॉक्टर से जांच करवाएं। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और अगर गर्भावस्था के दौरान आपको अपने शरीर में किसी भी तरह की समस्या नज़रआती है और आप इसका तुरंत समाधान चाहते हैं, तो इसके लिए आप डॉ सुमिता सोफत अस्पताल के विशेषज्ञों से संपर्क कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल!
प्रश्न 1. क्या गर्भावस्था के दौरान ज्यादा मात्रा में पानी पीना जरूरी होता है?
दरअसल, हाँ हर गर्भवती महिला को गर्भावस्था के दौरान उचित मात्रा में पानी का सेवन करना माँ और बच्चे दोनों की सेहत के लिए काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में, हर गर्भवती महिला को रोजाना कम से कम 8 से 12 गिलास पानी के जरूर पीने चाहिए। इससे माँ और बच्चे दोनों की सेहत बरकरार रहती है।
प्रश्न 2. इंप्लांटेशन ब्लीडिंग क्या होती है?
दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि जब निषेचित अंडा गर्भाशय की दीवार के साथ जाकर जुड़ता है, आम तौर पर तब आपको हल्की ब्लीडिंग की समस्या का सामना करना पड़ सकता है, जिसको अक्सर ही कई महिलाएं गलती से पीरियड्स कि समस्या समझ लेती हैं और घबरा जाती हैं।
प्रश्न 3. पीरियड्स के दौरान काफी दर्द होना किन बीमारियों का संकेत होता है?
दरअसल, अगर आपके पीरियड्स के दौरान काफी ज्यादा दर्द होता है, तो यह आम नहीं है। आम तौर पर, यह किसी छिपी हुई शारीरिक समस्या का एक गंभीर संकेत हो सकता है, जिसमें एंडोमेट्रियोसिस, एडेनोमायोसिस, फाइब्रॉइड्स, पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज और सर्वाइकल स्टेनोसिस जैसी शरीर से जुड़ी बीमारियां शामिल हो सकती हैं। इसलिए अगर आपके पीरियड्स के दौरान दर्द हद से ज्यादा होता है, तो इसके लिए आपको पनि डॉक्टर से जरूर सलाह करनी चाहिए।
प्रश्न 4. क्या गर्भनिरोधक गोलियों को छोड़ने के बाद भी प्रेगनेंसी के दौरान ब्लीडिंग की समस्या हो सकती है?
जी हाँ बिलकुल, गर्भनिरोधक गोलियों को छोड़ने के बाद भी प्रेगनेंसी के दौरान ब्लीडिंग की समस्या आपको परेशान कर सकती है। दरअसल, यह समस्या प्रेगनेंसी के शुरुआती हफ्तों में और काफी आम मानी जाती है।
प्रश्न 5. पीरियड्स के दौरान कितनी मात्रा में पानी का सेवन करना चाहिए?
आम तौर पर, पीरियड्स के दौरान महिलाओं को रोजाना कम से कम 8 से 10 गिलास पानी के पीने चाहिए। पानी शरीर के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद साबित होता है। दरअसल, पानी की यह मात्रा पीरियड्स के दौरान शरीर को हाइड्रेट रखने में, क्रैम्प्स को कम करने में, पेट फूलने की समस्या को दूर करने में और सिर दर्द को कम करने में काफी ज्यादा मदद प्रदान करती है।