अज़ोस्पर्मिया – पुरषों ने निल शक्राणु की समस्या और उसका उपचार

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अज़ोस्पर्मिया एक पुरुष प्रजनन का रोग है , इसमें पुरुष के संखलान में शुक्रणुओं की गिनती बिलकुल खतम हो जाती है |

शक्राणुओं का बिलकुल खतम होना जिसकी वजह से पुरुष महिला को गर्भवती नहीं बना सकता ,उसे अज़ोस्पर्मिया कहा जाता है |

इस समस्या का मुख्या कारण शक्राणु उत्पादन में समस्या या उत्पादन का बिलकुल बंद होना है | कई बार शक्राणु के परिचालन में कोई रुकावट भी इसकी वजह हो सकती है |

अज़ोस्पर्मिया का वर्गीकरण

परीक्षण से पहले अज़ोस्पर्मिया यह सामान्य अंडकोष और जननांग पथ होने के कारण अपर्याप्त उत्तेजना की विशेषता है। मूल रूप से कूप उत्तेजना हार्मोन का निम्न स्तर परीक्षणों की अपर्याप्त उत्तेजना का कारण बनता है।

परीक्षण अज़ोस्पर्मिया इस स्थिति में परीक्षण सामान्य हैं, और शुक्राणु उत्पादन बिलकुल बंद है। यह स्थिति अजनोस्पर्मिया की समस्या वाले पुरुष के समान है। इस समस्या के कारण जन्मजात मुद्दों और कुछ आनुवंशिक स्थितियां हो सकती हैं। यह दर्दनाक सर्जरी, कैंसर, विकिरण या कुछ संक्रमण के कारण हो सकता है |

परीक्षण के बाद अज़ोस्पर्मिया लगभग ५० प्रतिशत मर्द इस समस्या से पीड़ित हैं | इसमें शक्राणु बनते तो है लेकिन उनका संखलन नहीं हो पता |

अज्ञात तत्वों से अज़ोस्पर्मिया इस स्थिति में कोई खास कारण नहीं होता बल्कि आयु , सेहत या बुरी आदतों के कारण होता है |

पुरुष बॉंझपन का उपचार

उपचार शुरू करने से पहले आईवीऍफ़ विशेषज्ञ आपको आपके पिछले उपचार , शल्यचिकत्सा और आपके परिवार के इतहास के बारे में पूछेगा | इन सबसे वह आपकी इस समस्या का मूल कारण जानने की कोशिश करते है |

इस सभी जानकारी के बाद आपका शरीरक परीक्षण किया जाता है , जिसमे आपके शरीर का हार्मोन स्तर , और अन्य मेडिकल मामलों का पता लगया जाता है |

इसके बाद मरीज से वीर्य के दो नमूने लिए जाते है , जिनको टेस्ट करने के लिए प्रयोगशाला में हैजा जाता है | इनमे शक्राणुओं की गिनती और गुणवत्ता पारखी जाती है |

अगर उस वीर्य के नमूने में कोई शक्राणु न मिले तो समज लिया जाता है की शक्राणुओ के परिचालन में रुकावट है और उसका उपचार शुरू किया जाता है |

अगर वीर्य में एक भी शक्राणु मिल जाये तो परिचालन को सही मान कर शकरणुओं के निर्माण की रुकावट को आधार मान कर उपचार किया जाता है |

अज़ोस्पर्मिया/पुरुष बाँझपन का सोफट हॉस्पिटल में उपचार

सोफट अस्पताल की डॉ. सोफट जो की बहुत अनुभवी चित्सक हैं वह पहले सावधानी पूर्वक मरीज का विश्लेषण आकृति है और उसके बाद मरीज की कॉउंसलिंग के बाद ही उपचार शुरू होता है | मरीज के भरोसे के बाद ही सकारात्मक परिणामो के लिए सफलता पूर्वक काम किया जाता है |

सोफट अस्पताल से बहुत सारे लोगों ने अपना उपचार करवाया है और सफलता पूर्वक गर्भधारण किया है |

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