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असल में, गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को अपना ध्यान रखना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है। क्योंकि, इस दौरान थोड़ी सी भी लापरवाही माँ और बच्चे दोनों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। असल में, माँ बनना हर महिला के लिए एक बहुत ही खुशी का एहसास होता है। पर, इस दौरान एक महिला को कई तरह की समस्याओं से गुजरना पड़ता है, इसलिए उसको इस तरह की स्थिति में, अपना और अपने बच्चे का ख़ास ध्यान रखना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है। आम तौर पर, गर्भावस्था के नौ महीनों के दौरान महिला को स्वस्थ और अपनी सेहत को फिट रखने के लिए डॉक्टरों द्वारा योग करने की सलाह प्रदान की जाती है। दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि नियमित रूप से योगाभ्यास करना गर्भवती महिला की सेहत के साथ -साथ गर्भ में पल रहे बच्चे की सेहत के लिए भी काफी ज्यादा फायदेमंद साबित होते हैं। दरअसल, इस तरह की स्थिति में कई महिलाएं काफी ज्यादा सोच में पड़ जाती हैं, कि वह आखिर इस दौरान कौन से योगासन कर सकती हैं, जो उनकी और उसके बच्चे की सेहत के लिए लाभदायक साबित हो सकते हैं? दरअसल, गर्भावस्था के दौरान महिलाएं, वृक्षासन, बद्धकोणासन, वीरभद्रासन, बालासन और शवासन जैसे योगासन कर सकती हैं। दरअसल, यह योगासन गर्भवती महिलाओं के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद साबित होते हैं। आइये इस लेख के माध्यम से इस के बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं।
गर्भवती महिलाओं को रोज करने चाहिए ये 5 योगासन
1. वृक्षासन
दरअसल, इस योगासन का अभ्यास करने के लिए एक योग मैट पर बिल्कुल सीधे खड़े हो जाएं और दाहिने पैर के घुटने को मोड़ें। इसके बाद अपने दाएं पैर के तलवे को बाएं पैर की जांघ पर रखने की कोशिश करें। बाएं पैर पर शरीर का वजन संतुलित करें और बिल्कुल सीधे खड़े रहने की कोशिश करें। इसके बाद अच्छे तरीके से सांस लेते हुए, अपने दोनों हाथों को शरीर के ऊपर ले जाएँ और नमस्कार आसन करें। इस दौरान आप का शरीर पूरा सीधा होना चाहिए और कम से कम 30 से 60 सेकंड तक ऐसे ही रहना चाहिए। दरअसल, इस प्रक्रिया को कम से कम 3 से 5 बार दोहराना चाहिए।
2. बद्धकोणासन
आम तौर पर, गर्भावस्था के दौरान इस आसान को करने के लिए एक योगा मैट पर अपने पैरों को सीधा करके बैठे और इसके बाद अपने घुटनों को मोड़कर दोनों तलवों को एक-दूसरे से जोड़ें। यह करने के बाद, अपने हाथों को इंटरलॉक करें और अपने पैरों के तलवों को अच्छे से पकड़ लें। इसके बाद, अपने दोनों पैरों को ऊपर और नीचे की तरफ हिलाएं। इस आसन को कम से कम 3 से 5 मिनट तक करें और लगभग 3 से 5 बार इस प्रक्रिया को दोहराएं।
3. वीरभद्रासन
आपको बता दें, कि यह आसन गर्भवती महिलाओं के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद होता है। इस आसन को करने के लिए सबसे पहले एक योगा मैट पर सीधे खड़े होकर अपने दोनों पैरों को फैलाएं और इस बीच पैरों में कम से कम 2 से 3 फीट तक की दूरी होनी चाहिए। इसके बाद अपने दोनों हाथों को कंधे के समानांतर रखें और अपने दाहिने पैर को 90 डिग्री तक के कोण पर घुमाएं। अब अपने बाएं पैर को अच्छे तरीके से पीछे की तरफ स्ट्रेच करें। इस दौरान, अपने सिर को दाएं पैर और हाथ की तरफ बिल्कुल सीधा रखें और सामने की तरफ देखें। दरअसल, इस तरह की स्थिति में कम से कम 50 से 60 सेकंड्स तक रुकें। और फिर आराम से अपने पहले की स्थिति में आ जाएं। इस अवस्था में आप इस प्रक्रिया को कम से कम 3 से 5 बार कर सकते हैं।
निष्कर्ष: माँ बनना हर महिला का एक बहुत ही बड़ा सपना होता है। दरअसल, हर महिला चाहती है, कि उसका बच्चा सेहतमंद पैदा हो और डिलीवरी के दौरान उस को और उसके बच्चे को कोई परेशानी न हो। दरअसल, गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसलिए, गर्भावस्था के नौ महीनों के दौरान एक महिला को सेहतमंद और अपनी सेहत को फिट रखने के लिए डॉक्टरों द्वारा योग करने की सलाह प्रदान की जाती है। जिसमें वृक्षासन, बद्धकोणासन, वीरभद्रासन, बालासन और शवासन जैसे योगासन शामिल हो सकते हैं। यह योगासन गर्भवती महिलाओं और गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए काफी ज्यादा लाभदायक सिद्ध होते हैं। इसके साथ ही गर्भावस्था के दौरान किसी भी तरह का कोई भी योगाभ्यास शुरू करने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से जरूर संपर्क करें। गर्भावस्था के दौरान किसी योगा एक्सपर्ट में निगरानी में ही योगाभ्यास करना फायदेमंद साबित होता है। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए या फिर गर्भावस्था के दौरान किसी भी तरह की समस्या का समाधान पाने के लिए आप आज ही सुमिता सोफत हॉस्पिटल में जाकर इसके विशेषज्ञों से इसके इलाज के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।