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IVF ट्रीटमेंट से पहले हार्ट पेशेंट्स को कोनसी बातों का ध्यान रखना चाहिए?

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IVF में सफलता हलाकि पिछले दशक में बहुत ज़्यादा बड़ी है। लेकिन डॉक्टरों द्वारा सलाह दी जाती है की हृदय रोग से पीड़ित महिलाओं को IVF करवाने से पहले अपने दिल की जाँच करवानी चाहिए तभी IVF प्रक्रिया में भाग लेना चाहिए | ऐसा करने पर IVF की सफलता दर बढ़ जाती है और प्रक्रिया के दौरान या IVF के बाद बच्चा पैदा होने पर उसको किसी भी प्रकार की बीमारी की सम्भावना नहीं होती। 

आपको बता दें कि आम तौर पर व्यक्ति के हार्ट में ब्लॉकेज या हार्ट का ब्लॉक एक बहुत ही गंभीर बीमारी है। इस दौरान व्यक्ति की धड़कन बहुत धीरे-धीरे चलने लगती है। और इसके चलते व्यक्ति को कई परेशानीओं का सामना करना पड़ता है। इसमें हम जानेंगे कि यह क्या होता है? और इसके लक्षण, कारण, परहेज, घरेलू इलाज और IVF ट्रीटमेंट से पहले हार्ट पेशेंट्स को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? 

हार्ट ब्लॉकेज क्या है ?

  • हार्ट ब्लॉकेज की समस्या होना व्यक्ति के लिए ख़तरनाक साबित हो सकती है। 
  • दिल की समस्या आम तोर पर इलेक्ट्रिकल सिस्टम में आने वाली दिक्कत को हार्ट ब्लॉकेज कहा जाता है। जब दिल में स्थित धमनियों की दीवारों पर कफ जम जाता है तो उस चीज से पैदा होने वाले विकार को हार्ट ब्लॉकेज समस्या कहा जाता है। और इसका मुख्य कारण लोगों का रहन-सहन और खाने-पीने में बहुत लापरवाही को बरतना जिसके चलते जियादातर लोगों को हार्ट ब्लॉकेज जैसी समस्या का शिकार होना पड़है। इस वजह से ये समस्या लोगों में अब आम होती जा रही है। 
  • लोगों में हार्ट ब्लॉकेज की समस्या जन्मजात भी हो सकती है। 
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हार्ट में ब्लॉकेज के कारण?

अगर हम इसके अन्य कारणों की बात करते हैं, तो दिल की मांसपेशियों के संबंधित समस्याएं भी इसमें शामिल हैं। 

  • हार्ट ब्लॉकेज सर्जरी के दौरान होने वाली कोई भी ऊंच-नीच व्यक्ति के हार्ट ब्लॉकेज का कारण बन सकता  है। 
  • दवाइयों के साइड इफेक्ट के कारण भी ऐसा हो सकता है और वहां यह आनुवंशिक होने के कारण भी व्यक्ति को ब्लॉक की समस्या पैदा हो सकती है। 

हार्ट में ब्लॉकेज के लक्षण?

  • व्यक्ति को बार बार सिरदर्द होना। 
  • चक्कर का आना । 
  • छाती में दर्द महसूस होना 
  • सांस का फूलना।  
  • गर्दन में, ऊपरी पेट, जबड़े, गले या पीठ में दर्द का होना आदि।

IVF ट्रीटमेंट से पहले हार्ट पेशेंट्स को कोनसी बातों का ध्यान रखना चाहिए? 

दिल के मरीजों को  IVF ट्रीटमेंट से पहले कई बातों पर ध्यान देने की जरूरत होती है, जैसे की,

1.कसरत 

व्यक्ति को ज़्यादा प्रभाव वाली हृदय कसरतों को नहीं करना चाहिए। जैसे की दौड़ना या एरोबिक्स इनसे ज्यादातर व्यक्ति को बचना चाहिए। योग या फिर टहलना जैसी हलकी कसरतों को करना चाहिए लेकिन ज़्यादा व्यायाम से व्यक्ति को बचना चाहिए। 

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2. दवाएं

व्यक्ति को चाहिए कि वह अपने हृदय रोग की दवाएं नियमित तौर से लें और डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी नई दवा को शुरू न करें |

3. तनाव

तनाव को कम करने के लिए योग, ध्यान या अन्य तनाव कम करने वाली तकनीकों का अभ्यास करें |

4. आहार

दिल के मरीजों को स्वस्थ आहार लेंना चाहिए, जिसमें आम तौर पर फल, सब्जियां, और साबुत अनाज शामिल होने चाहियें। दिल के मरीज को ज़्यादातर शराब, कैफीन और प्रोसेस्ड फूड से अपना बचाव करना  चाहिए। 

5. स्वास्थ्य

मरीज़ को नियमित रूप से अपने दिल की जाँच करवानी चाहिए। और अपने स्वास्थ्य चिकस्सा को अपनी किसी भी चिंता या लक्षण के बारे में बताएं। 

6. आराम

दिल के मरीज को पर्याप्त आराम करने की जरूरत होती है और उसको तनावपूर्ण स्थितियों से बचने की भी जरूरत होती है। 

हार्ट ब्लॉकेज से अपना बचाव करने के परहेज ?

वैसे तो व्यक्ति को हार्ट ब्लॉकेज से बचने के लिए कई तरह के परहेज करने चाहिए। अपनी डाइट में सुधर करने की बहुत ज़्यादा जरूरत होती है जैसे,

  • पूड़ी, पराठा, समोसा, पकौड़ी, फ्रेंच फ्राइज, बर्गर का सेवन नहीं करना चाहिए। 
  • ज्यादा तेल में तली हुई चीजों को अपनी डाइट में शामिल नहीं करना चाहिए। 
  • रेड मीट जैसी चीजों को खाने से अपना परहेज करना चाहिए। 

घरेलू उपचार 

ज़्यादा अनार खाएं और अपने हार्ट के ब्लॉकेज को खोले।

  • दालचीनी का उपयोग करें यह हार्ट के ब्लॉकेज को खोलने में मदद करता है।  
  • लाल मिर्च का उपयोग भी व्यक्ति के हार्ट ब्लॉकेज को खोलने में मदद  करता है। और लहसुन का सेवन भी यही काम करता है। 
  • हल्दी के सेवन से भी हार्ट ब्लॉकेज को ठीक किया जा सकता है। 
  • व्यक्ति तुलसी के उपयोग से भी अपनी हार्ट की प्रॉब्लम को ठीक कर सकता है रोजाना तुलसी के पत्तों को अच्छे से चबाना चाहिए और तुलसी की चाय आदि का सेवन करना चाहिए। 
  • अदरक का सेवन भी हार्ट ब्लॉकेज को खोलने में मदद करता है और यह इस को ठीक करने का एक बेहतरीन उपाय है। 
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निष्कर्ष:

अगर आपको भी हार्ट ब्लॉकेज की दिक्कत है तो आप अपनी जीवनशैली में बदलाव करके इसको ठीक कर सकते हैं। अपने खानपान में सुधार करके, हलकी कसरतों को करके और कुछ घरेलू उपचारों का  उपयोग करके इससे निजात पा सकते है। और IVF ट्रीटमेंट से पहले आपको इन्ही बातों का ध्यान रखना चाहिए और फिर IVF प्रक्रिया करवाई जाती हैं और अगर आप भी IVF करवाना चाहते हैं और इससे पहले और बाद कि सारी जानकारी लेना चाहते हैं तो आप आज ही सुमिता सोफत अस्पताल जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं इसके विशेषज्ञों से।

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