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IVF में शराब, धूम्रपान और ड्रग्स पुरुषों और महिलाओं की प्रजनन क्षमता को कैसे प्रभावित करते हैं ?

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अगर व्यक्ति को किसी भी चीज का हद से ज्यादा नशा हो जाता है तो वह व्यक्ति को काफी हद तक नुकसान पहुंचा सकता है। और जिंदगी में कई बार गलत चीजों का नशा महिलाओं और पुरुषों को तबाह कर देता है। 

महिलाओं और पुरषों के लिए धूम्रपान, ड्रग्स और शराब का सेवन बिलकुल सही नहीं माना जाता है क्योंकि ये उनकी प्रजनन क्षमता को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करता है। धूम्रपान, ड्रग्स और शराब का सेवन न केवल प्रजनन स्वास्थ्य को बिगाड़ता है बल्कि यह IVF प्रकिरिया को प्रभावित और उसकी सफलतादर को कम करता है। जो महिला और पुरुष प्राकृतिक रूप से या IVF जैसी सहायक प्रजनन तकनीकों का इस्तेमाल करके गर्भधारण करने की कोशिश करने वालों के लिए ये समझाना बहुत महतपुराण होता है की धूम्रपान, ड्रग्स और शराब आपकी प्रजनन क्षमता को कैसे प्रभावित कर सकते हैं। इसके द्वारा हम आपको बताएंगे की कैसे धूम्रपान, ड्रग्स और शराब प्रजनन क्षमता पर प्रभाव डालती है, और आप अपने प्रजनन स्वास्थ्य को अनुकूलित करने के लिए क्या कदम उठा सकते हैं । 

पुरुषों और महिलाओं में धूम्रपान प्रजनन क्षमता को कैसे प्रभावित करता है?

महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए धूम्रपान, शराब और ड्रग्स लेना हानिकारक होता है। आपको बता दे की तम्बाकू के धुएँ में हज़ारों ख़तरनाक पदार्थ होते हैं, जैसे की निकोटीन, कार्बन मोनोऑक्साइड और सीसा और कैडमियम जैसे हानिकारक रसायन शरीर में प्रवेश करते हैं। यह एक तरीके का जहर होता है जो लोगों की सेहत को खराब कर देता है। और ये जहरीले पदार्थ हार्मोनल असंतुलन को बाधित, प्रजनन प्रणाली अंगों को नुकसान और शुक्राणु और अंडे की गुणवत्ता पर सकारात्मक असर डाल सकते हैं। 

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महिला प्रजनन क्षमता पर प्रभाव

1. अंडकोष भंडार में कमी 

धूम्रपान का सेवन महिलाओं के लिए बहुत ज्यादा नुक़सानदायक होता है ये अण्डों के विनाश को तेज़ कर देता है। जिसके कारण अंडकोष भंडार में कमी हो जाती है, और रजोनिवृत्ति जल्दी हो जाता है। उन महिलाओं में ज़्यादातर बांझपन और गर्भधारण करने में कठिनाई बढ़ जाती है जो जो महिलाएं धूम्रपान करती हैं। 

2. अंडे की गुणवत्ता का खराब होना

धूम्रपान में हानिकारक पदार्थ होते हैं जो अंगों में डीएनए को नुकसान पहुंचाते हैं, और जिससे सफल निषेचन की संभावना कम होती है। और महिलाओं में गर्भपात का खतरा बहुत ज़्यादा बढ़ जाता है।

3. हार्मोनल असंतुलन

धूम्रपान महिलाओं के हार्मोन को नुकसान पहुंचता है और उनके उत्पादन में भी बाधा डालता है। धूम्रपान से ओव्यूलेशन और मासिक धर्म चक्र भी बाधित होता है। 

4. एक्टोपिक गर्भावस्था का बढ़ता जोखिम

महिलाओं में एक्टोपिक गर्भावस्था की सम्भावना धूम्रपान से बढ़ती है, जहाँ एक उपजाऊ अंडा गर्भाशय के बाहर प्रत्यारोपित होता है। 

पुरुष प्रजनन क्षमता पर प्रभाव

1. शुक्राणुओं की संख्या में कमी 

पुरुष का धूम्रपान सेहत को खराब और उससे उनके शुक्राणु उत्पादन कम हो जाता है जिससे शुक्राणुओं की संख्या में कमी होती है। 

2. खराब शुक्राणु गुणवत्ता

धूम्रपान करने के कई तरह के नुकसान हो सकते हैं जैसे की जैसे शुक्राणु गुणवत्ता बहुत ज्यादा प्रभावित होती है शुक्राणु डीएनए को नुकसान और गति को कम करता है। शुक्राणु के आकार को बदल देता है यह सभी गर्भधारण के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। 

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3. हार्मोनल व्यवधान

धूम्रपान का सेवन व्यक्ति के टेस्टोस्टेरोन के स्तर को कम करता है जीके कारन कामवासना और शुक्राणु उत्पादन प्रभावित होता है।

4. स्तंभन दोष

धूम्रपान व्यक्ति के शरीर में रक्त प्रवाह को प्रतिबंधित कर देता है। जिसकी वजह से स्तंभन दोष का खतरा बढ़ता है और गर्भधारण को बाधित कर सकता है। 

शराब प्रजनन क्षमता को कैसे प्रभावित करती है?

ज्यादा शराब का सेवन महिलाओं के हार्मोन में हस्तक्षेप कर देता है और शुक्राणुओ को नुक्सान  पहुँचता है और गर्भधारण की संभावना में कमी करके प्रजनन स्वास्थ्य को बिगाड़ सकता है। 

महिला प्रजनन क्षमता पर प्रभाव

1. हार्मोनल व्यवधान

ज्यादातर शराब हाइपोथैलेमस और पिट्यूटरी ग्रंथि पर अपना प्रभाव  डालती है, जो की प्रजनन हार्मोन नियंत्रित करती है, जिसकी वजह से महिलाओं को मासिक धर्म चक्र और ओव्यूलेशन  का सामना करना पड़ता है। 

2. अंडे की गुणवत्ता पर प्रभाव 

महिला का लगातार शराब का सेवन करना उसके अंडे की गुणवत्ता को खराब कर देता है जिसकी वजह से गर्भपात का खतरा बढ़ता है।

3. आईवीएफ सफलता दर पर प्रभाव

IVF के दौरान महिलाओं का शराब पीना उसकी सफलता दर को कम कर देती है।  

4. गर्भपात का खतरा बढ़ना 

प्रेग्नेंसी के दौरान शराब का सेवन भ्रूण की असामान्यताओं के ख़तरे को बढ़ाता है। 

पुरुष प्रजनन क्षमता पर प्रभाव

1. शुक्राणुओं की संख्या कम होना 

ज्यादा शराब का सेवन व्यक्तियों के टेस्टोस्टेरोन के स्तर को कम और जिसकी वजह से शुक्राणु उत्पादन कम हो जाता है। 

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2. खराब शुक्राणु गुणवत्ता

शराब शुक्राणु में डीएनए को नुकसान और इसकी गति को कम कर देती है जिसकी वजह से बांझपन की संभावना मैं बढ़ावा होता है। 

3. स्तंभन दोष

व्यक्ति का बहुत ज्यादा शराब पीना यौन प्रदर्शन और इरेक्शन को बनाये रखने और उसको हासिल करने की शक्ति को बिगाड़ देती है। 

4. हार्मोनल असंतुलन

अगर व्यक्ति जरूरत से ज्यादा शराब का सेवन करता है तो वह उसके हार्मोन को नुकसान पहुंचा सकती है और हार्मोन उत्पादन को बाधित हो जाती है जिसकी वजह से प्रजनन क्षमता कम हो जाती है।

 प्रजनन क्षमता में सुधार करने के लिए क्या करें? 

  • धूम्रपान को छोड़ें
  • शराब को पीना सिमित करें और होली- होली छोड़ दें 
  • स्वस्थ जीवनशैली को अपनाएं
  • अपने शरीर को हाइड्रेट रखें 
  • और जरूरत के अनुसार चिकित्सा से सहायता लें

निष्कर्ष:

धूम्रपान और शराब का सेवन महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए ही हानिकारक होता है। ये IVF में प्रजनन क्षमता को पहुंच ज्यादा प्रभावित करते हैं। अगर धूम्रपान और शराब का सेवन करते हैं और आप IVF प्रक्रिया में शामिल होना चाहते है तो इन चीजों के सेवन को सीमित करना और अपनी जीवनशैली में बदलाव करने की जरूरत होती है। अगर आप भी ऐसी चीजों से छुटकारा और IVF प्रक्रिया करवाना चाहते हैं  और इसके बारे में पूरी जानकारी लेना चाहते हैं तो आप आज ही सुमिता सोफट अस्पताल जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके विशेषज्ञों से इसकी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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