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क्या मोटे लोगों पर आईवीएफ सफल है? आइये जानते है इसे कुछ मिथ्स एंड फैक्ट्स

क्या मोटे लोगों पर आईवीएफ सफल है?, आइये जानते है इसे कुछ मिथ्स एंड फैक्ट्स

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आज कल के बदलते जीवन शैली के कारण लोगो को काफी परेशानियों  का सामना करना पड़ जाता है | जिन में से एक है इनफर्टिलिटी जिसे कई लोगो की दुनिया तक तबाह हो सकती है | फर्टिलिटी दर के  गिरना का  ज़िम्मेवार अनेक जैविक और पर्यवरण तत्व है | जिसकी वजह से से कई लोगो का माता पिता बने का सपना अधूरा रह जाता है | लेकिन एआरटी (असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी ) की इनोवेशन के कारण अनेक तरह की फैसिलिटीज उप्लब्ध  करवाए गए है | एआरटी की प्रगति से आईवीएफ जैसे प्रक्रियाओं का इनोवेशन किया गया, जिससे बाँझपन से शिकार हुई महिला को भी गर्भधारण करने में मदद मिल सकती है | 

आईवीएफ क्या है ?

डॉक्टर सुमिता सोफत जो की आईवीएफ स्पेशलिस्ट है , उनके अनुसार इनफर्टिलिटी की समस्या महिला और पुरुष दोनों में ही पायी जाती है | जिसकी मुख्य कारण अनेक हो सकते है जैसे कि स्पर्म की संख्या कम होना, स्पर्म की ख़राब क्वालिटी, फैलोपीअन ट्यूब्स का क्षति  होना, आदि से इनफर्टिलिटी हो सकती है | आईवीएफकी सहायत से इनफर्टिलिटी के दर को कम किया जा सकता है |

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आईवीएफ के दौरान हार्मोनल की गतिविधि को बढ़ाने के लिए कई तरह मेडिसिन का उपयोग किआ जाता है, जिससे महिला के ओवरीज़ अंडे को निकला कर लैब में महिला के पति के स्पर्म के द्वारा फर्टिलाइसज़ किया जाता है | फर्टिलाइजेशन होने के बाद तैयार हुए भ्रूण को महिला के गर्भशय में स्थापित कर दिया जाता है | इस प्रतिक्रिया को पूरा होने में कम से कम 3 -4  हफ्ते का समय लग जाता है | इस तकनिकी की वजह से कई लोगों के माता-पिता बनाने का सपना पूरा हुआ है | 

आम तौर पर आईवीएफ अधिक दम्पति वाले ही करवाते  है क्योकि अन्य इलाजों की तुलना में इसकी सफलता का दर 30-50 प्रतिशित ज़्यादा होता है | आईवीएफ करवाने से महिला की उम्र 20-30 साल के बीच ही होनी चाहिए, क्योंकि इन महिलाओं में आईवीएफ द्वारा प्रेग्नेंसी होने की संभावना सबसे अधिक होती है और बाकि महिला की तुलना में अण्डों की क्वालिटी सबसे अच्छी होती है | आइये जानते है आईवीएफ से कुछ मिथ्स एंड फैक्ट्स:-  

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मिथ्स 1. क्या मोटापे लोगों पर आईवीएफ सफल नहीं होता ?

फैक्ट्स :- यह बात सच है की मोटापा में नेचुरल तरीके से या आईवीएफ द्वारा गर्भधारण करना बड़ी समस्या का कारण बन सकती है | यह भी सच है की आईवीएफ उन्ही महिलाओं पर सफल करता है जो सेहतमंद हो और उनमे मोटापा न हो | 

मिथ्स 2. क्या आईवीएफ की सफलता का दर जीवन शैली पर निर्धारित करता है ?

फैक्ट्स :-  यह मिथ्स भी शायद सही हो सकता है क्योंकि ख़राब पोषण का सेवन करने से फर्टिलिटी पर काफी बुरा असर पड़ सकता है | धूम्रपान और नशीली पदार्थ का सेवन करने से भी फर्टिलिटी पर काफी बुरा असर पड़ सकता है | 

मिथ्स 3 . क्या आईवीएफ से कैंसर हो सकता है ?

फैक्ट्स :- इन फैक्ट्स का सही कहना ही ठीक रहेगा, क्योंकि आईवीएफ के दौरान काफी मात्रा में महिला के गर्भाशय में हार्मोन को स्थापित किया जाता है, जिससे महिला के स्तन पर बहुत बुरा प्रभाव डालता है और कैंसर होने का खतरा भी बढ़ जाता है | 

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मिथ्स 4  . आईवीएफ नेचुरल  प्रतिक्रिया नहीं है ?

फैक्ट्स :- हालांकि कई लोगों का मानना यह है कि आईवीएफ से आर्टिफिशियल तरीके से भ्रूण को तैयार किया जाता है, जो की यह बात बिल्कुल भी सच नहीं हैं , बल्कि आईवीएफ और टेक्नोलॉजी नेचुरल प्रेगनेंसी की प्रक्रिया में सहायता करते है  |

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