Book Appointment

अशुक्राणुता क्या है इसके लक्षण कौन-से है? जानिए एक्सपर्ट्स से कैसे करें इसका उपचार

Loading

अशुक्राणुता का अर्थ है कि किसी भी व्यक्ति के वीर्य में शुक्राणु की कमी होना | इसके कारणों में प्रजनन पथ में रुकावट आ जाना, हार्मोनल समस्याएं उत्पन्न होना, स्खलन की समस्याएं होना या फिर वृषण संरचना या कार्य से जुड़ी अन्य समस्याएं भी शामिल है | लेकिन कई कारणों से इसका इलाज किया जा सकता है | अन्य ऐसे ही कारणों के लिए, आईवीएफ जैसी सहायक विकल्प के माध्यम से जीवित शुक्राणु को प्राप्त किया जा सकता है | 

डॉ सुमिता सोफत हॉस्पिटल के सीनियर डॉक्टर सुमिता सोफत ने अपने यूट्यूब चैनल में पोस्ट एक वीडियो के जरिये यह बताया की अशुक्राणुता एक स्थिति को कहा जाता है जिसमें आपके वीर्य में किसी भी तरह के मापनीय शुक्राणु नहीं होते है | दरअसल अंडकोष ही शुक्राणु को उत्पन्न करते है | शुक्राणु आपके प्रजनन तंत्र से गुजरकर, तरल पदार्थ के साथ मिलकर वीर्य बनती है | वीर्य उस तरल पदार्थ को कहा जाता है, जो आपके लिंग स्खलन के दौरान छोड़ा जाता है | अगर आपको  अशुक्राणुता की समस्या है, तो आपके पास वीर्य तो होगा लेकिन इसमें शुक्राणु नहीं होंगे | अशुक्राणुता को एज़ोस्पर्मिया या फिर शुक्राणु संख्या का आभाव भी कहा जाता है | 

See also  क्या पुरुषों में शुक्राणुओं की कमी हो सकती है बांझपन की समस्या, जानिए एक्सपर्ट्स कैसे करें इलाज 

डॉक्टर सुमिता सोफत ने यह भी बताया की कुछ लोग ऐसे भी होते है जो बिना शुक्राणुओं के ही पैदा होते है लेकिन किशोरावस्था में या फिर वयस्क होने पर यह विकसित हो जाता है | इस समस्या को दवा और सर्जरी के कुछ ऐसे स्थितियों द्वारा इलाज किया जा सकता है | कई लोगों को यह लगता है की इस स्थिति में उनमे बच्चे पैदा करने की क्षमता नहीं होती है, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है इस समस्या के सही से इलाज करने के बाद आप जैविक बच्चे पैदा कर सकते है | 

अशुक्राणुता के लक्षण है :- यह समस्या के बारे में आपको तब पता चलता है, जब आप अपने साथी के साथ गर्भधारण करने की कोशिश कर रहे होते है लेकिन असफल हो जाते है | कई लोगों में तो विलीन कारणों से संबंधित भी लक्षण पाए जाते है | उदाहरण के तौर पर बात करे तो हार्मोनल असंतुलन होने के कारण यौन करने की इच्छा  में कमी हो जाएगी या फिर संक्रमण के कारण आपके अंडकोष में गांठ भी बन सकती है | 

See also  IVF विशेषज्ञों से जाने, किन बातों पर आईवीएफ की सफलता दर निर्भर करती है?

अशुक्राणुता होने के मुख्य कारण :- इसके मुख्य कारण है शुक्राणु में उत्पन्न में बाधा आना, अवरोध या फिर कुछ ऐसे ही अनुवांशिक और हार्मोनल के अंसुलान्तं होने से भी हो जाता है | 

इससे संबंधित और जानकारी लेने के लिए आप डॉ सुमिता सोफत आईवीएफ हॉस्पिटल नामक यूट्यूब चैनल पर विजिट कर सकते है, यहाँ पर इस टॉपिक से रिलेटेड वीडियो बनाकर पोस्ट की हुई है या फिर आप डॉ सुमिता सोफत आईवीएफ हॉस्पिटल का चयन भी कर सकते है | यहाँ के डॉक्टर सुमिता सोफत इनफर्टिलिटी और आईवीएफ में एक्सपर्ट है, जो इस समस्या को कम करने में आपकी मदद कर सकते है |

Contact Us


    Our Recent Posts