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महिलाओं में पॉली सिस्टिक ओवरी सिंड्रोम की समस्या और इसके इलाज

महिलाओं में पॉली सिस्टिक ओवरी सिंड्रोम की समस्या और इसके इलाज

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पॉली सिस्टिक ओवरी महिलों के प्रजनन सम्भंदित रोग है , जो की पहले तो बहुत छोटी से स्टेज से शुरू होता है और अगर इस पर ध्यान न दिया जाये तो यह एक बहुत घातक रोग का रूप ले लेता है | जिससे महिलाये गर्भधारण से वंचित हो सकती हैं , साथ ही साथ कैंसर जैसे और भी कई भिजनक रोग लग सकते हैं | IVF Centre in punjab

पॉली सिस्टिक ओवरी हार्मोन्स की वजह से होता है | हार्मोन्स हमरे शरीर में एक रासयनिक सन्देशवाहक की तरह काम करते है | हार्मोन्स के जरा सा भी बदलाव बहुत से गंभीर बिमारियों को जमन दे देता है | पॉली सिस्टिक ओवरी की समस्या भी हार्मोन्स के बदलाव के कारन ही होती है |

हार्मोन्स के इन बदलाव की वजह से अगर मासिक चक्र बिगड़ जाये तो महिला की ओवेरी में एक छोटा सा अल्सर बन जाता है | इसका आभास जल्दी से नहीं होता | यह स्थिति काफी खतरनाक होती है अगर इसका इलाज समय पर ना किया जाये तो यह आगे चलकर कैंसर की बीमारी में भी बदल सकती है |

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इन अल्सर्स में तरल पदार्थ भरा होता है और यह धीरे धीरे समय के साथ बढ़ते रहते है | यह थैलीनुमा रचनाये होती है | यही स्थिति को पॉली सिस्टिक ओवरी कहलाती है | यह समस्या इतनी हानिकारक है की यह महिलाओं को हमेशा के लिए बच्चे पैदा करने से वंचित कर सकती है |

पॉली सिस्टिक ओवरी के लक्षण

महिलाओं के चेहरे और शरीर पर अनचाहे बाल ऐनी शुरू हो जाते है , यह एक सटीक लक्षण है की महिला पॉली सिस्टिक ओवरी से पीड़ित है |

मासिक धरम आने की तरीखों का आगे पीछे होना | महीने में दो बार मासिक धरम आना या फिर किसी महीने एक बार भी मासिक धरम न आना |

महिलाओं का वजन बहुत तेजी से बढ़ना शुरू हो जाता है , यह भी पॉली सिस्टिक ओवरी का एक लक्षण है |

महिलाओं की चमड़ी पर तेल आना शुरू हो जाना और चेहरे पर दाग धब्बे और मुहासे काफी पैदा होना शुरू हो जाते हैं |

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पॉली सिस्टिक ओवरी के कारन

समय पर खाना न खाने के कारन , रात को देर से सोने की आदत , जरूरत से अधिक व्यायाम और जरूरत से अधिक संबध बनाना भी इस समस्या को जनम देता है |

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