आज के समय में लोगों के बीच एलर्जी होना एक आम बात हो गयी है। अगर ये एलर्जी शरीर के किसी भी हिस्से में हो जाए तो इससे व्यक्ति को काफी परेशानी का सामना करना प...
आज के समय में लोगों के बीच एलर्जी होना एक आम बात हो गयी है। अगर ये एलर्जी शरीर के किसी भी हिस्से में हो जाए तो इससे व्यक्ति को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। मूल रूप से एलर्जी एक अतिसंवेदनशील प्रतिक्रिया है, जो कि कुछ बाहरी कारकों के कारण शरीर में होती है। ये कुछ लोगों के लिए हानिकारक होती है और कुछ लोगों के लिए नहीं। एलर्जी अलग अलग लक्षणों के द्वारा एक व्यक्ति के शरीर में होती है। जैसे पाचन संबंधी एलर्जी, स्किन संबंधी, सांस लेने में परेशानी और गंभीर एलर्जिक रिएक्शन इस तरह की एलर्जिक समस्या व्यक्ति को होती हैं, और ये समस्या महिला को IVF के दौरान भी हो सकती है। पर इसके द्वारा आज जानेंगे कि IVF के दौरान होने वाली एलर्जी का इलाज कैसे होम्योपैथिक तरीके से कर सकते है, वो भी बिना किसी नुकसान के।
एलर्जी की समस्या क्या है ?
आम तोर पर एलर्जी की समस्या को काफी गंभीर माना जाता है। और ये समस्या व्यक्ति को किसी भी समय और शरीर के किसी भी हिस्से पर हो सकती है। या फिर ऐसा कहें की एलर्जी की समस्या वातावरण, किसी भी चीज, पशु-पक्षी या फिर किसी और जानवर से भी हो सकती है।
आम तोर पर एलर्जी की समस्या कुछ लोगों में ऐसी नज़र आती है की उनका शरीर लाल चकत्तों से भरा हुआ दिखाई देता है। इस एलर्जी की समस्या जब बहुत ज्यादा गंभीर हो जाती है तो इससे व्यक्ति जल्दी से ठीक नहीं हो पाता है।
इसलिए जब आपको किसी भी एलर्जी के बारे में पता चलता है तो उससे दुरी बनाना और एलर्जी की समस्या को तुरंत डॉक्टर को दिखाना बहुत ज़्यादा जरूरी होता है। और ये आपके लिए बहुत ही ज़्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है।
IVF के दौरान होने वाली एलर्जी
IVF प्रक्रिया में कई प्रकार की दवाइयां, हार्मोनल इंजेक्शन और मेडिकल प्रोसीजर को दिया जाता है, जो कुछ महिलाओं में एलर्जी का कारण भी बन सकते हैं जैसे।
पाचन संबंधी समस्याएं होना
IVF प्रक्रिया के दौरान हार्मोनल दवाओं के उपयोग से पाचन से जुड़ी एलर्जी की समस्याएं हो सकती हैं। इस तरीके की एलर्जी में मतली, पेट में दर्द, दस्त और उल्टी के लक्षण महिला में दिखाई देते हैं। आपको इस तरह के एलर्जिक रिएक्शन अंडे रिट्रीवल के समय आईवीएफ के शुरुआती दौर में देखने को मिल सकते हैं। इस दौरान आसानी से पचने वाले भोजन खाने की सलाह डॉक्टर द्वारा एक महिला को दी जाती है। और साथ में, रिएक्शन को दूर करने के लिए दवाइयों को दिया जा सकता है।
स्किन संबंधी एलर्जिक रिएक्शन
IVF के दौरान महिलाओं को डॉक्टर द्वारा हार्मोनल इंजेक्शन दिए जाते हैं। और हार्मोनल इंजेक्शन लेने की वजह से कुछ महिलाओं को स्किन एलर्जिक रिएक्शन देखने को मिलते हैं। इसके दौरान महिला को सूजन, रैशेज, खुजली और इंजेक्शन वाली जगह पर जलन महसूस हो सकती है। आम तौर पर इस तरह के रिएक्शन में डॉक्टर घरेलू उपाय के लिए, मरीज को इंजेक्शन के स्थान पर कोल्ड कम्प्रेशन लगाने की सलाह देते हैं। इसके अलावा आपका डॉक्टर आपको एंटी एलर्जिक क्रीम लगाने को दे सकता है।
सांस लेने में परेशानी
IVF के दौरान महिलाओं को दवाओं की प्रति संवेदनशीलता होने से उनको सांस लेने में बहुत ज्यादा कठिनाई हो सकती है। इसके अलावा वह गले में खराश और सीने में जकड़न होना जैसी समस्याओं को महसूस कर सकती हैं। यह IVF में एक आम लक्षण माना जाता है। ये आम तौर पर रेस्पिरेटरी से जुड़ी एलर्जी की तरफ इशारा करता है। IVF के दौरान ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए उन्हें तुरंत अपने डॉक्टर को इसके बारे में बताना चाहिए।
गंभीर एलर्जिक रिएक्शन
आम तौर पर IVF प्रक्रिया के दौरान सामान्य रूप से महिलाओं को इस तरह के एलर्जिक रिएक्शन दिखाई नहीं देते हैं। लेकिन कई बार ऐसा होता है की कुछ मामलों में दवाओं की वजह से महिलाओं को एनाफिलेक्टिक शॉक का सामना पड़ सकता है। जिसमें एक महिला को चक्कर आना, ब्लड प्रेशर में गिरावट, धड़कनों का तेज होना और महिला में बेहोशी के लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। अगर महिला के पास ऐसी कोई समस्या आती है तो उसको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
IVF के दौरान एलर्जी के कारण
IVF के दौरान दी जाने वाली हार्मोनल दवाओं की वजह से एलर्जिक रिएक्शन होने की संभावना बहुत ज़्यादा बढ़ जाती है।
इसके दौरान इस्तेमाल किये जाने वाले इंजेक्शन स्किन में सेंसिटिविटी को बढ़ा देते हैं।
कुछ दवाइयों में एलर्जी हो सकती है जैसे कि ओवरी स्टीम्युलेशन में उपयोग की जाने वाली दवाएं।
IVF के दौरान इस्तेमाल की जाने वाली दवाइयों से एलर्जी।
लैब में इस्तेमाल होने वाले केमिकल्स जिसके संपर्क में आने से एलर्जी हो सकती है।
एलर्जी के होम्योपैथिक उपचार
1. एपिस मेलिस्पा :
एलर्जी पित्ती के सभी मामलों के लिए एपिस मेलिस्पा दवा का उपयोग किया जाता है, क्योंकि इसको बेहतरीन होम्योपैथिक दवा माना जाता है। जिन लोगों को जलन और चुभने वाली संवेदनाओं के साथ, त्वचा में गंभीर खुजली और त्वचा की सूजन होती है, उनके लिए तो यह दवा बहुत ही ज्यादा सहायक ,मानी जाती है। इसके अलावा एक रोगी को ठंडे अनुप्रयोगों से राहत प्राप्त हो सकती है।
2. आर्सेनिक एल्बम :
आम तोर पर नाक संबंधी एलर्जी के इलाज के लिए आर्सेनिक एल्बम दवा का उपयोग किया जाता है ये एक प्राकृतिक होम्योपैथिक दवा है। यहां तोर पर जब एक धाराप्रवाह और जलने वाले निर्वहन छींक के साथ नाक से निकलते है। तो यह पानी आंखों में जलन का कारण बनता है। पर इन सब समस्या से छुटकारा पाने के लिए इस होम्योपैथिक दवा का उपयोग बहुत ज्यादा लाभदायक होता है। यह नाक संबंधी एलर्जी के लिए सबसे अच्छा प्राकृतिक होम्योपैथिक उपचार में से एक माना जाता है।
3. नैट्रम म्यूर
नेट्रम मुर को एक प्राकृतिक होम्योपैथिक दवा माना जाता है। नैट्रम म्यूर दवा नाक और त्वचा की एलर्जी दोनों के उपचार के लिए फायदेमंद होती है।
निष्कर्ष: IVF के दौरान महिला को दिए जाने वाले हार्मोनल इंजेक्शन और दवाइयों की वज़ह से एलर्जी हो सकती है। महिला को IVF के दौरान सांस लेने में परेशानी, स्किन संबंधी एलर्जिक रिएक्शन, पाचन संबंधी समस्याएं और गंभीर एलर्जिक रिएक्शन जैसी एलेर्जी का सामना करना पढ़ता है। IVF में एलेर्जी का होना कोई बढ़ी बात नहीं होती है, इसको होम्योपैथिक दवा जैसे कि एपिस मेलिस्पा, आर्सेनिक एल्बम और नैट्रम म्यूर दवा के उपयोग से ठीक किया जा सकता है। अगर आप भी इसके बारे में गहराई से जानकारी लेना चाहते हैं और IVF प्रक्रिया में भाग लेना चाहते हैं तो आप आज ही सुमिता सोफत अस्पताल जाके अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके विशेषज्ञों से इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
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Dr. Sumita Sofat
Gynecologist & Fertility Specialist
Dr. Sumita Sofat is a leading gynecologist and fertility specialist with over 28 years of experience in reproductive healthcare. She is the Managing Director of Dr. Sumita Sofat IVF Hospital, dedicated to providing advanced fertility treatments to couples.