पहले जीवन शैली की तुलना में आज कल के युवाओं के डेली जीवन शैली में काफी बदलाव है | वर्क लोड के कारण युवायें सप्ताहांत का बेसब्री से इन्तेज़ार कर रहे ह...
पहले जीवन शैली की तुलना में आज कल के युवाओं के डेली जीवन शैली में काफी बदलाव है | वर्क लोड के कारण युवायें सप्ताहांत का बेसब्री से इन्तेज़ार कर रहे होते है | जैसे ही फ्राइडे नाइट्स की दस्तक होती है, शहर में रहने युवाओं की भीड़ क्लब में जा के एकत्रित हो जाती है | इस समय सभी लोग अपनी टेंशन और काम से पाए छुटकारा की ख़ुशी में नाईट लाइफ का लुत्फ़ उठाते है, जहाँ यह युवायें अनियमित रूप से धूम्रपान और शराब का सेवन करते है, लेकिन इससे होने वाले नुकसान का किसी को अंदाज़ा भी नहीं होता है |
इस समाज की दुर्दशा को देख कर डॉक्टर सुमिता सोफत जो की डॉक्टर सुमिता सोफत हॉस्पिटल की सीनियर डॉक्टर है और आईवीएफ में 28 सालों का तज़र्बा है, इनका का कहना है की “ मेरी बात सुन कर लोग शायद अचंभित हो जायेंगे, परन्तु सच यही है की आज कल के युवाओं में कूल दिखाने वाली आदत बहुत बड़ी समयस्या को बुलावा दे सकती है, जिससे इनके भविष्य को बुरे दिनों का सामना करना पड़ सकता है | मेरी तो सलाह यही है की जिनका अभी विवाह या भी बच्चे नहीं हुए है, वह लोग खासकर सावधान हो जाये क्योंकि एक लापरवाही उनके माता-पिता बनाने के सपने को ख़तम कर सकती है |”
इनफर्टिलिटी होने क्या है असली वजह ?
डॉक्टर सुमिता सोफत का कहना है की जो लोग सिर्फ सप्ताहांत पर ही नशीले पदार्थों का सेवन कर रहे हे ,वह लोग तो फिर भी कुछ हद तक खतरे से बचे हुए है, लेकिन जो लोग प्रतिदिन लगातार नशीले पदार्थों या अस्वास्थयकर भोजन का सेवन कर रहे है तो वह लोगो के लिए यह खतरा कई गुना बढ़ जाता है। खाने पीने के साथ सोने के बदलता पैटर्न भी आपकी फर्टिलिटी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
आधुनिक जीवन शैली के युवाओं देर रात तक जगकर काम करते है या फिर फोन पर स्क्रॉल करते-करते रात के एक से दो बजा देते है जो कि अब हर घर में सामान्य सी बात बन चुकी है | जिसके चलते यह आदत भविष्य बहुत खतरनाक साबित हो सकता है |
भविष्य में बढ़ सकती है इनफर्टिलिटी की समस्या?
एक आकड़े के अनुसार बताया गया है 2031 तक फर्टिलिटी का मार्केट कुछ इस तरह बढ़ जायगा की 90.79 बिलियन लोग इनफर्टिलिटी की समस्या से जूझ रहे होंगे जो की 2021 की तुलना में चार गुना ज्यादा है।
इनफर्टिलिटी की समस्या से कैसे पाएं छुटकारा ?
डॉक्टर सुमिता सोफत का कहना है कि लोगों यह बात आपने दिमाग पर लानी पड़ेगी की उन्हें इनफर्टिलिटी के दर को बढ़ाना नहीं बल्कि इससे जूझ रहे मरीज़ों की भीड़ को कम करने की कोशिश करना है | आज कल जो कूल बने की आदत आपको अपनी ओर आकर्षित कर रही है उसे खुद पर हावी न होने दें है नहीं तो वही आदत आपको अलग-अलग डॉक्टर के चक्कर लगाने में मजबूर भी कर सकती है | समय रहते ही अगर आप अपनी आदतों में सुधर ले आते है तो भविष्य में इनफर्टिलिटी जैसे समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है |
माता-पिता बनने की सही उम्र कौन सी होती है ?
डॉक्टर सुमिता सोफत के अनुसार माता-पिता बनने की सही उम्र 25-35 वर्ष की आयु में होती है | लेकिन आज कल बिजी जीवन शैली की कारण युवाए 30 या फिर इससे से अधिक आयु में अपनी शादी करवाते है जिसके चलते उनके बच्चे भी बहुत देर से होता है | एक आकड़े के अनुसार 35 वर्ष के आयु के बाद फर्टिलिटी कम होने लगाती है और ऐसे में एग की स्पर्म मिलने के बाद भी नैचुरली फर्टीलिाइज़ड नहीं हो पता है | इसी कारणों की वजह से अपने जीवन शैली में बदलाव लाना बेहद ही आवश्यक है, जिसके चलते इनफर्टिलिटी जैसे समस्या से सफलता पूवर्क छुटकारा पाया जा सकता है |
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Dr. Sumita Sofat
Gynecologist & Fertility Specialist
Dr. Sumita Sofat is a leading gynecologist and fertility specialist with over 28 years of experience in reproductive healthcare. She is the Managing Director of Dr. Sumita Sofat IVF Hospital, dedicated to providing advanced fertility treatments to couples.